किसान आत्महत्या का पाप कैसे धोएंगे: बच्चू कडू का हुंकार सभा में सरकार से सवाल

Hunkar Sabha in Galnimb: महायुति सरकार लोगों को कर्मकांडों में फंसाए हुए मंदिर बनाने का काम कर रही है और किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर कर रही है, ऐसा प्रहार पार्टी के अध्यक्ष बच्चू कडू ने कहा।
बच्चू कडू का हुंकार सभा में सरकार से सवाल
बच्चू कडू का हुंकार सभा में सरकार से सवाल (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

अहिल्यानगर: राम मंदिर तो बन गया। लेकिन राम नाम का किसान आत्महत्या कर रहा है, अपने इन पापों का प्रायश्चित कहां करोगे? महायुति सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। महायुति सरकार लोगों को कर्मकांडों में फंसकर रखते हुए मंदिर बनाने का काम कर रही है और किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर कर रही है, ऐसा प्रहार पार्टी के अध्यक्ष बच्चू कडू ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा।

अगर यह सब रोकना है, तो सभी किसानों को जाति-धर्म को दरकिनार कर एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। हमें बेईमानों को साथ नहीं लेना चाहिए और ईमानदारों को नहीं छोड़ना चाहिए, इसके लिए हमें आंदोलन में शामिल होना चाहिए, उन्होंने अपील की।

गलनिंब में हुंकार सभा का आयोजन

नेवासे तालुका के गलनिंब में प्रहार जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री बच्चू कडू द्वारा आयोजित एक रैली में वे बोल रहे थे। हालांकि रैली देर रात शुरू हुई थी, फिर भी बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे। अगर यह सब रोकना है, तो सभी किसानों को जाति-धर्म को दरकिनार कर एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। हमें बेईमानों को साथ नहीं लेना चाहिए और ईमानदारों को नहीं छोड़ना चाहिए, इसके लिए हमें आंदोलन में भाग लेना चाहिए, उन्होंने अपील की।

आर्थिक भेदभाव की लड़ाई

इस सरकार ने स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। शिक्षा महंगी हो गई है। हमें इस पूरी व्यवस्था को तोड़ना होगा, उन्होंने कहा कि यह जातिगत भेदभाव की लड़ाई नहीं, बल्कि आर्थिक भेदभाव की लड़ाई है। चीनी और गन्ने के दाम वहीं के वहीं हैं। इस निर्दयी सरकार ने ऐसी व्यवस्था बना दी है कि आप हमेशा कर्ज में डूबे रहें। उन्होंने आपके दिमाग में जाति और धर्म का भूत डालकर आपका दिमाग बंद कर दिया है।

लोगों को एकजुट होकर लड़ना चाहिए

पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ा दिए गए हैं। लेकिन आपको इसका एहसास ही नहीं है। सरकार ने आपको बार-बार जाति-धर्म में उलझाया है ताकि आप सरकार के ख़िलाफ़ न लड़ें, सड़कों पर न उतरें। लोगों को एकजुट होकर लड़ना चाहिए। इसी के लिए मैं नेवासे तालुका में यह हुंकार सभा कर रहा हूं।

बड़ी संख्या में किसान उपस्थित

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष ज्ञानेश्वर सांगले, युवा जिला अध्यक्ष एडवोकेट. पांडुरंग औताडे, बालासाहेब खरजुले, जालिंदर अरगड़े, रघुनाथ अरगड़े, मधुकर शिंदे, तालुका प्रमुख अनिल विधाते, संदीप पखारे, अरविंद अरगड़े, पांडुरंग नवले, राजेंद्र कालस्कर, आदिनाथ कडू, दिलीप मटे, दादासाहेब शेलके, संतोष शेलके, साथ ही गैलनिंब के ग्रामीण और किसान उपस्थित थे।

मंत्रालय में घुसकर अपने अधिकारों की मांग करेंगे

प्रहार के युवा जिला अध्यक्ष एड. पांडुरंग औताडे ने कहा कि आज हम सड़कों पर उतरे हैं। कल हम मंत्रालय में घुसकर अपने अधिकारों की मांग करेंगे। सरकार किसानों की समस्याओं पर बात नहीं कर रही है। अब हुंकार सभा के माध्यम से पूरा महाराष्ट्र जागेगा और सरकार को पता चलेगा कि किसानों की ताकत क्या है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com