

Gadchiroli District: चामोर्शी तहसील के रेगडी में कर्मवीर कन्नमवार (दिना) जलाशय का निर्माण किया गया है। यहां जलाशय के निर्माण के दौरान दिना पाटबंधारे विभाग की ओर से रेगड़ी में प्रशस्त विश्रामगृह निर्माण किया गया था। लेकिन करीब 20 वर्ष पूर्व यहां के विश्रामगृह में नक्सलियों ने आगजनी की घटना को अंजाम दिया था। तब से इस विश्रामगृह की मरम्मत नहीं हो पायी है। जिससे रेगड़ी का विश्रामगृह समय की आगोश में अब खंडहर में तब्दील हो गया है। चामोर्शी तहसील के रेगड़ी में स्थित कन्नमवार जलाशय यानी दिना जलाशय परिसर के किसानों को समृद्ध कर रहा है।
जिले में स्थित इस एकमात्र जलाशय के माध्यम से परिसर की अनेक हेक्टेयर जमीन सिंचित हो रही है। पाटबंधारे विभाग की ओर से इस जलाशय का निर्माण किया गया। उनके निगरानी में ही जलाशय का कार्य शुरू है। इस दौरान यहां अनेक अधिकारी तथा नेतागण आते थे। अधिकारी, नेतागण व पर्यटक निवास कर पाएं इस उद्देश्य से रेगड़ी में पाटबंधारे विभाग की ओर से जलाशय निर्माण के दौरान ही सुसज्ज विश्रामगृह का निर्माण किया था। इस विश्रामगृह में अनेक अधिकारी आकर यहां रुकते थे। विश्राम करते थे।
लेकिन वर्ष 2005-06 के दौरान इस विश्रामगृह पर नक्सलियों की कृदृष्टि पड़ी और नक्सलियों ने इस विश्रामगृह को आग लगा दी। इस आगजनी के चलते विश्रामगृह की हालत कुछ जर्जर हुई है। लेकिन आगजनी की घटना के बाद से इस विश्रामगृह की अब तक मरम्मत नहीं हो पायी। जिसके चलते वर्तमान स्थिति में रेगड़ी का विश्रामगृह एक पुरानी वास्तु के तौर खड़ी है। जो एक खंडहर बन गई है। इस ओर संबंधित विभाग की अनदेखी के चलते यह वास्तु अब विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गई है। अगर इसकी मरम्मत की जाए तो यह पूर्व स्थिति को प्राप्त हो सकती है। लेकिन सरकार व प्रशासन की इस ओर अनदेखी जारी है।
दिना पाटबंधारे विभाग द्वारा निर्माण किया गया विश्रामगृह अधिकारी, राजनेता, पर्यटकों के निवास व विश्राम के लिए लाभकारी था। लेकिन आगजनी की घटना के बाद इस विश्रामगृह के मरम्मत की ओर अनदेखी की गई। जिसके चलते विश्रामगृह की अवस्था अब विदृप हुई है। यहां आने वाले अधिकारियों को ठहरने के लिए तथा विश्राम के लिए अन्य दूसरी व्यवस्था नहीं है। जिससे रेगड़ी के इस विश्रामगृह की मरम्मत करने की मांग हो रही है।
रेगड़ी के विश्रामगृह की विगत 20 वर्षों में दयनीय अवस्था हुई है। अगर इस विश्रामगृह की समय रहते मरम्मत हुई होती तो यहां आने वाले अधिकारी, राजनीतिक नेता तथा पर्यटकों को निवास व विश्राम की सुविधा मिल पाती थी। लेकिन विश्रामगृह की ओर हुई अनदेखी के चलते अब यह विश्रामगृह खंडहर में तब्दील हो चुका है। जिससे इस ओर सरकार व प्रशासन ध्यान देकर विश्रामगृह की मरम्मत करने की मांग ग्रामीणों द्वारा की जा रही है।