गड़चिरोली समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव सख्त, बोले- दफ्तर नहीं, गांवों तक पहुंचे प्रशासन

Gadchiroli Review Meeting: गड़चिरोली समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे नागरिकों के घर तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
Rajesh Agrawal At Gadchiroli Review Meeting
मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल गढ़चिरौली समीक्षा बैठक में (सोर्स - फोटो नवभारत)
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Rajesh Agrawal At Gadchiroli Review Meeting: राज्य के मुख्य सचिव तथा गड़चिरोली जिले के पालक सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र नागरिक तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए प्रशासन को नागरिकों के कार्यालय आने की प्रतीक्षा करने के बजाय स्वयं गांव-गांव जाकर योजनाओं का क्रियान्वयन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रक्रियाओं में मौजूद अनावश्यक बाधाओं को दूर कर जनहितकारी एवं नागरिक-केंद्रित प्रशासन विकसित करने की आवश्यकता है।

गड़चिरोली स्थित नियोजन भवन में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों के कार्यों एवं विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विभागीय अपर आयुक्त माधवी खोड़े, जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास गाडे, उमेद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी निलेश सागर, मुख्य वन संरक्षक जी।पी। नरवणे, अपर जिलाधिकारी नितीन गावंडे तथा संजय आसवले तथा माविम की कार्यकारी संचालक राजलक्ष्मी शाह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश

मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में आने वाली कठिनाइयों का अध्ययन किया जाए तथा प्रत्येक परिवार को अधिकतम योजनाओं का लाभ कैसे मिले, इस दिशा में कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी योजना अथवा सरकारी नीति में बदलाव की आवश्यकता हो और उसके लिए ठोस सुझाव दिए जाएं, तो सरकार उस पर विचार कर आवश्यक परिवर्तन कर सकता है।

राजेश अग्रवाल ने योजनाओं के क्रियान्वयन में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि कई योजनाओं के आवेदन पत्र और दस्तावेजों की मांग अनावश्यक रूप से जटिल है। आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने, अनावश्यक दस्तावेजों की शर्ते समाप्त करने तथा मंत्रालय या आयुक्तालय स्तर की मंजूरी प्रक्रियाओं को जिला एवं तहसील स्तर पर ही निपटाने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने बैंकिंग और अन्य सेवाओं में पेपरलेस प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करने तथा नागरिकों से फोटो और फोटोकॉपी की अनावश्यक मांग समाप्त करने पर भी जोर दिया।

आंगनवाड़ी सुविधाओं पर नाराजगी

मुख्य सचिव ने आंगनवाड़ी केंद्रों में बिजली और पानी की कमी पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि 2 वर्ष पहले उपलब्ध कराए गए टीवी तथा आरओ वाटर फिल्टर बिजली कनेक्शन के अभाव में उपयोग में नहीं हैं।

शौचालय निर्माण के बावजूद पानी की सुविधा उपलब्ध न होना भी गंभीर विषय है। बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि 15वें वित्त आयोग का निधि उपलब्ध होने के बावजूद कई ग्राम पंचायतों में विकास कार्य लंबित हैं, जो चिंता का विषय है।

दिव्यांग कल्याण के लिए विशेष अभियान

दिव्यांग कल्याण योजनाओं की समीक्षा के दौरान यूडीआईडी कार्ड वितरण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 21,555 आवेदनों में से 14,439 कार्ड तैयार हो चुके हैं, जबकि 4,678 आवेदन लंबित हैं। लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने के लिए अतिरिक्त पांच लॉगिन आईडी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

अस्थायी दिव्यांगता प्रमाणपत्र के कारण बंद हुई पेंशन के मामलों पर चर्चा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि 45 वर्षों से दिव्यांग व्यक्ति को अस्थायी प्रमाणपत्र देना प्रशासनिक त्रुटि है। उन्होंने ऐसे लाभार्थियों के लिए विशेष शिविर आयोजित कर स्थायी प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

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