12 साल से ICU में था लोकतंत्र, युवाओं की शक्ति ने किया खड़ा, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर संजय राउत का बयान

Sanjay Raut Statement: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर संजय राउत ने बयान दिया है। उन्होंने इसे युवाओं के संघर्ष की जीत बताते हुए कहा कि 12 साल से ICU में पड़े लोकतंत्र को युवाओं ने खड़ा किया।
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संजय राउत का बयान (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Sanjay Raut Statement On Dharmendra Pradhan: शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को दिल्ली से लेकर लखनऊ, पटना और कोलकाता तक चले देशव्यापी युवा आंदोलन की बड़ी जीत बताया। साथ ही, उन्होंने इस बात की संभावना जताई कि धर्मेंद्र की जगह पर देवेंद्र आ सकते हैं।

संजय राउत ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि दिल्ली, महाराष्ट्र, लखनऊ और देश के कई शहरों में युवाओं ने सामने आकर संघर्ष किया। आखिरकार युवाओं ने अपनी शक्ति से इस सरकार को परिचय करा ही दिया। इन युवाओं ने शिक्षा में सुधार की मांग को लेकर लाठियां खाईं। लड़कियों के साथ अभद्र व्यवहार किए गए, लेकिन यह सरकार युवाओं को झुका नहीं पाई। अब इन युवाओं के संघर्ष का प्रतिफल धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के रूप में मिला है, जिसकी चौतरफा चर्चा हो रही है।

12 साल से ICU में था लोकतंत्र

शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत के मुताबिक, युवाओं की शक्ति के आगे सरकार झुक गई, जिसका नतीजा यह हुआ कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। मैं समझता हूं कि यह लोकतंत्र के लिए बहुत बड़ी बात है। 12 साल से इस देश का लोकतंत्र आईसीयू में था। सांस नहीं ले पा रहा था। मौजूदा हुकूमत लगातार जनता के हितों पर कुठाराघात करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन अब युवाओं ने सड़क पर आकर अपनी शक्ति का परिचय देते हुए लोकतंत्र को खड़ा करने का काम किया है।

ठाकरे गुट निकालेगा विजय रैली

इसके अलावा, उन्होंने विजय रैली पर भी प्रतिक्रिया दी। संजय राउत ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि मसला यहां पर विजय रैली की नहीं थी। इस रैली के पीछे हमारा मुख्य मकसद यही था कि हमारे जो बच्चे सड़कों पर सामने आकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, हम उनके समर्थन में विजय रैली करें, लेकिन मुझे लगता है कि आज शाम तक छात्रों का विरोध प्रदर्शन समाप्त हो जाएगा। इसके बावजूद हम एक विरोध प्रदर्शन निकालकर मौजूदा सरकार को यह संदेश देने का काम करेंगे कि इस देश में लोकतंत्र जिंदा है। देश में लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए प्रत्येक नागरिक की संवेदनाओं का जिंदा रखना जरूरी है। इस दिशा में रैली हर हाल में निकालकर रहेंगे।

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