
गड़चिरोली: राज्य सरकार के किसी भी तकनिकी कोर्स की कोई भी मान्यता नहीं होने के बावजूद गड़चिरोली में गड़चिरोली पॅरामेडीकल कॉलेज शुरू किया गगया. बड़ी मात्रा में झुटे विज्ञापन देकर इस कॉलेज के संस्थापक ने सैंकड़ों छात्रों के शैक्षणिक जीवन के साथ खिलवाड़ करने का आरोप करते हुए हमसे ठगी करनेवालों की विस्तृत जांच कर संबंधितों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग पिडीत विद्यार्थियों ने आज 21 फरवरी को आयोजित पत्रपरिषद से की है.
पत्रपरिषद में जानकारी देते हुए संबंधित कॉलेज के छात्रों ने कहां कि, डा. अनिल कुर्वे ने वर्ष 2019 में गड़चिरोली शहर में गडचिरोली पॅरोमिडकल इस नाम से स्वास्थ्य महाविद्यालय शुरू किया. किंतू उक्त महाविद्यालय ने डीएमएलटी इस अभ्यासक्रम को राज्य सरकार की कोई तकनिकी मान्यता नहीं होने के बावजूद विकास कौशल्य व्यावसायिक अभ्यासक्रम में प्रवेश देकर हम छात्रों से ठगी की.
महाविद्यालय को तकनिकी मान्यता नहीं होने की जानकारी प्राप्त होते ही हम विद्यार्थियों ने 2 माह पूर्व इस संदर्भ में संबंधित संचालक से सवाल किया. किंतू उन्होने टालमटोल जवाब देते हुए संस्थापक ने अंधेरे में रखने का प्रयास किया.
इस बिच 27 जनवरी को इस कॉलेज के 22 विद्यार्थियों ने इस संदर्भ में गड़चिरोली पुलिस थाने में शिकायत दर्ज की. शिकायत के पूर्व डा. अनिल कुर्वे ने कुछ छात्रों को पैसे व मुल दस्तावेज वापिस कर कार्रवाई से बचने का प्रयास किया. इसके बाद अन्य छात्रों ने भी पैसे वापिस करने की मांग करने पर गलत बर्ताव कर संस्था चालक ने दबाव लाने का प्रयास किया.
संस्थाचालक ने हमारे मुल दस्तावेज लेकर तथा झुटी रसीदे देकर लाखों रूपये हडपने का आरोप भी छात्रों ने इस समय किया है. हमारे शैक्षणिक भविष्य के साथ्ज्ञ खिलवाड करनेवाले गड़चिरोली पॅरामेडिकल कॉलेज की विस्तृत जांच कर संबंधितों पर पुलिस कार्रवाई करने की मांग योगिता करोडकर, गायत्री ठवरे, पल्लवी इंगले, प्राजक्ता मेश्राम, उजरा पठाण, सुभाष कुले, सचिन समर्थ, समिनान शेख आदि समेत 22 पिडीत छात्रों ने की है.
गड़चिरोली पॅरामेडिकल कॉलेज के डीएमएलटी इस अभ्यासक्रम के लिए राज्य सरकार की मान्यता मिली है. संबंधित छात्रों में कुछ गलतफहमी निर्माण हुई है. जिसके चलते उनके द्वारा झुठे आरोप किए जा रहे है. छात्रों के सभी आरोप झुठे व बेबुनियद है.
डा. अनिल कुर्वे
संस्थापक, गडचिरोली पॅरामेडिकल कॉलेज






