Health Minister Prakash Abitkar (सोर्सः सोशल मीडिया)
Gadchiroli Health Campaign: राज्य की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा को अधिक सक्षम, बीमारी-मुक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर की महत्वाकांक्षी ‘मेरा गांव स्वास्थ्य संपन्न गांव’ अभियान को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। जनसहयोग पर आधारित यह राज्यव्यापी स्वास्थ्य अभियान पूरे राज्य में 31 मार्च तक चलाया जाएगा।
गांव स्तर पर नागरिकों का स्वास्थ्य स्तर बढ़ाने, प्रतिबंधात्मक व प्रोत्साहनात्मक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने, स्वास्थ्य संबंधी सामाजिक बदलाव लाने और स्वास्थ्यदायी जीवनशैली विकसित करने के लिए यह अभियान कारगर साबित होगा। सार्वजनिक स्वच्छता, जलापूर्ति, सामाजिक प्रबोधन समेत ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न घटकों के समन्वय से स्वास्थ्यदायी गांव बनाना इस अभियान का मुख्य लक्ष्य है।
इस अभियान के अंतर्गत उपचार के बजाय बीमारी न हो, इस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। संक्रामक व असंक्रामक बीमारियों की दर कम करने, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुधारने, पोषण, स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, गंदे पानी के प्रबंधन, जीवनशैलीजन्य बीमारियों पर नियंत्रण और मानसिक स्वास्थ्य को भी इस मुहिम में शामिल किया गया है।
गांवों को मिलेगा स्मृतिचिन्ह, नगद पुरस्कार
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य, विभाग, जिला, तहसील व ग्राम पंचायत स्तर पर समितियों का गठन किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय समिति बनाई जाएगी, जिसमें विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, आयुक्त व संचालक सदस्य होंगे। इसके अलावा राज्यस्तरीय कृति समिति भी स्थापित की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार गांवों का मूल्यांकन किया जाएगा। कुल गांवों में से 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले गांवों को ‘स्वास्थ्य संपन्न गांव’ घोषित किया जाएगा। ऐसे गांवों को स्मृतिचिन्ह, प्रमाणपत्र व नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। इस अभियान के लिए मंत्रिमंडल ने 80.75 करोड़ रुपये की निधि को मंजूरी दी है।
ये भी पढ़े: डोंबिवली अग्निकांड में चौंकाने वाला खुलासा! इमारत के ही एक युवक ने जानबूझकर लगाई थी आग
उपसंचालक डॉ. शशिकांत शंभरकर ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा केवल अस्पताल तक सीमित न रहकर प्रत्येक घर और लोगों की आदतों तक पहुंचना जरूरी है। ‘मेरा गांव स्वास्थ्य संपन्न गांव’ अभियान के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पानी, पोषण और प्रतिबंधात्मक उपचार के संबंध में व्यापक जनजागृति होगी। नागपुर विभाग के प्रत्येक गांव इस स्पर्धा में उतरकर 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करेंगे और एक स्वास्थ्यदायी महाराष्ट्र का निर्माण होगा, ऐसा विश्वास व्यक्त किया गया है। गांव स्तर के स्वास्थ्य कर्मी इस अभियान के क्रियान्वयन में जुट गए हैं।