तेज आंधी से धूपकालीन धान और आम की फसलों को भारी नुकसान; भीषण तपन के बाद पारे में आई आंशिक गिरावट
Pre Monsoon Rain: गड़चिरोली जिले में तेज आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ हुई मानसून पूर्व बारिश से कई मकानों की छतें उड़ गईं और पेड़ गिरने से बिजली व यातायात प्रभावित हुआ।
- Written By: केतकी मोडक
तूफ़ान के कारण गिरा हुआ पेड़ (सोर्स - नवभारत)
Storm Damage In Gadchiroli: नवतपा के दौरान लगातार बढ़ते तापमान से गड़चिरोली जिले के नागरिक बुरी तरह त्रHeavy Rainfall स्त हो चुके हैं। ऐसे में मौसम विभाग द्वारा जारी की गई पूर्व चेतावनी के तहत शनिवार की रात्रि के दौरान जिले के कुछ क्षेत्रों में तूफानी हवाओं के साथ मानसून पूर्व बारिश ने जोरदार दस्तक दी। इस अचानक हुई तेज बारिश और आंधी के कारण अनेक जगहों पर विशाल पेड़ धराशायी हो गए, वहीं ग्रामीण अंचल में कई लोगों के मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
रविवार को दिनभर तो मौसम अमूमन सामान्य रहा, लेकिन शाम के समय एक बार फिर मौसम ने अचानक करवट बदल ली। तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश का दौर दोबारा शुरू हो गया। मई महीने की शुरुआत से ही सूर्यदेव लगातार आग उग रहे हैं। समूचे विदर्भ के साथ-साथ गड़चिरोली जिले में भी तापमान का ग्राफ बढ़ने से नागरिक बेहाल थे। इस वर्ष जिले का तापमान अपने उच्च स्तर पर पहुंच गया था, जिसने जिलावासियों को बुरी तरह थका दिया था।
बिजली की कड़कड़ाहट के साथ रात में शुरू हुआ आंधी का दौर
मौसम विभाग की चेतावनी के ऐन मुताबिक, शनिवार की शाम के दौरान आसमान में काले बादलों का जमावड़ा शुरू हो गया था। रात करीब 7 बजे के आसपास अचानक तेज हवाओं का दौर शुरू हुआ, जिसने देखते ही देखते तूफानी रूप अख्तियार कर लिया। इसके बाद रात करीब 9 बजे बिजली की जोरदार कड़कड़ाहट के साथ गड़चिरोली जिले के विभिन्न हिस्सों में तेज बारिश शुरू हो गई। इस बीच आए तूफानी हवाओं के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़कर मुख्य सड़कों पर ही गिर गए, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो गई।
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ग्रामीण अंचलों में कई कौलारू मकानों और टिन की छतें हवा में उड़ गईं, जिससे गरीब परिवारों का व्यापक नुकसान हुआ है। विशेष रूप से गड़चिरोली-आरमोरी राष्ट्रीय महामार्ग पर अनेक जगहों पर सड़क के बीचों-बीच पेड़ गिरे नजर आए, जिससे रात्रि के समय सफर करने वाले वाहन चालकों को बेहद खतरनाक परिस्थितियों और भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिला मुख्यालय के समीप स्थित अडपल्ली क्षेत्र में पोरेड्डीवार के गोदाम की टिन की छत पूरी तरह उड़ जाने से उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है।
पेड़ गिरने के कारण गड़चिरोली-आरमोरी मार्ग के साथ-साथ अन्य अंदरूनी मार्गों पर भी रात के समय यातायात काफी घंटों तक बाधित रहा। इस तूफानी बारिश के चलते गड़चिरोली शहर सहित ग्रामीण अंचलों की बिजली आपूर्ति भी देर रात तक पूरी तरह से खंडित रही।
धूपकालीन धान और आम की फसलों को भारी क्षति
शनिवार की रात तेज हवाओं के साथ हुई इस मूसलाधार बारिश के कारण जिले के कुछ क्षेत्रों में अभी तक कटाई न हुई धूपकालीन धान की फसलों तथा आम के बगीचों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। जिले के कई कृषि क्षेत्रों में धूपकालीन धान की फसल इस समय पूरी तरह से कटाई के योग्य हो चुकी थी। ऐसे नाजुक समय में अचानक आए इस तूफानी मानसून पूर्व चक्रवात और बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसलें जमीन पर बिछ गईं। इसके साथ ही, तेज आंधी के कारण पेड़ों से कच्चे और पक्के आम टूटकर जमीन पर गिर गए, जिससे फल उत्पादक किसानों को भारी आर्थिक चपत लगी है।
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भीषण गर्मी से मिली आंशिक राहत, उमस ने बढ़ाई परेशानी
गड़चिरोली जिले में तेज हवाओं के साथ हुई इस बारिश के कारण पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी की मार झेल रहे नागरिकों को कुछ हद तक राहत जरूर मिली है। बीते दिनों जिले का अधिकतम तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज हो चुका था, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त था। हालांकि, इस बारिश के बाद तापमान में कुछ आंशिक गिरावट जरूर दर्ज की गई है, लेकिन दिनभर होने वाली तेज तपिश के चलते हवा में नमी बढ़ने से नागरिक अब भीषण उमस से बेहद त्रस्त नजर आ रहे हैं। इस प्री-मानसून बारिश के चलते रविवार को जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है।
