राष्ट्रीय महामार्ग क्रमांक 6 पर गांवों के नामों में खामियां, यात्री परेशान, सुधार की मांग

Akola News: अकोला के समीपवर्ती राष्ट्रीय महामार्ग क्रमांक 6 पर राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण द्वारा गांवों के नामों वाले संकेत फलक गलत लगाए गए हैं, जिससे वाहनचालकों में नाराजगी का माहौल है।
Akola News: अकोला के समीपवर्ती राष्ट्रीय महामार्ग क्रमांक 6 पर राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण द्वारा गांवों के नामों वाले संकेत फलक गलत लगाए गए हैं, जिससे वाहनचालकों में नाराजगी का माहौल है।
अकोला गांव नाम फलक व अन्य (सौजन्य-नवभारत)
Published on
Updated on

Akola News: अकोला शहर के समीपवर्ती राष्ट्रीय महामार्ग क्रमांक 6 पर राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण द्वारा लगाए गए कई गांवों के नामों वाले संकेत फलक गलत रूप में लगाए गए हैं, जिससे वाहनचालकों और आम नागरिकों में नाराजगी का माहौल है। विशेष रूप से शिवणी गांव का नाम फलक पर ‘शिओनी’ लिखा गया है, जिससे मार्ग भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है और रात्रि के समय यात्रियों को दिशा पहचानने में कठिनाई हो रही है।

इस गंभीर खामी को लेकर स्थानीय नागरिकों ने राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण से तत्काल सुधार की मांग की है। शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) पक्ष के उप जिला प्रमुख तथा कृषि उपज बाजार समिति अकोला के संचालक मुकेश मुरुमकार ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी की ओर से आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा, “यह मुद्दा कई बार प्रशासन के संज्ञान में लाया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जो अत्यंत खेदजनक है।”

अन्य गांवों के नामों में भी खामियां

केवल शिवणी ही नहीं, बल्कि कुंभारी और विझोरा गांवों के नाम भी गलत रूप में दर्शाए गए हैं। कुंभारी को ‘कुभ्भारी’ और विझोरा को ‘विजहोरा’ लिखा गया है, जिससे नए आने वाले वाहनचालकों को मार्ग पहचानने में भारी परेशानी हो रही है। डोंगरगाव के उपसरपंच किशोर काकडे ने बताया कि “हमने कई बार संबंधित अधिकारियों को इस विषय में अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासन की यह उदासीनता चिंताजनक है।”

स्थानीय नागरिकों की मांग, फलक की तात्कालिक पुनर्बांधणी हो

स्थानीय नागरिकों का मानना है कि राष्ट्रीय महामार्ग राज्य और देश के यात्रियों के लिए प्रमुख मार्ग है, ऐसे में इस प्रकार की खामियां अस्वीकार्य हैं। सही गांव नामों वाले फलक तुरंत लगाए जाएं और प्रशासन इस चूक की जिम्मेदारी स्वीकार करे, ऐसी मांग नागरिकों द्वारा की जा रही है।

इन गलतियों से न केवल भाषिक भ्रम उत्पन्न हो रहा है, बल्कि गांवों की पहचान भी खतरे में पड़ रही है। नागरिकों ने प्रशासन से अपील की है कि अब तो जागरूक होकर सुधारात्मक कदम उठाए जाएं, ताकि यात्रियों को सही दिशा और जानकारी मिल सके। यह मामला अब जनभावनाओं से जुड़ चुका है और प्रशासन की तत्परता अपेक्षित है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com