गड़चिरोली में नक्सल स्मारक ध्वस्त (सौजन्य-नवभारत)
Anti-Naxal Movement Maharashtra: दुर्गम और अतिदुर्गम क्षेत्र में बसा गड़चिरोली जिला नक्सलियों की दृष्टि से अतिसंवेदनशील है। यहां की जनता के मन में दहशत निर्माण करने और अपना अस्तित्व दिखाने के लिए नक्सलियों द्वारा अतिदुर्गम क्षेत्र में नक्सली स्मारक का निर्माण किया जाता था। लेकिन पिछले कुछ अवधि में गड़चिरोली जिला पुलिस दल द्वारा प्रभावी रूप से चलाए नक्सल विरोधी मुहिम के चलते जिले में नक्सल आंदोलन खत्म होने के कगार पर होकर आम नागरिकों के दिलों में निर्माण हुई दहशत भी कम होते दिखाई दे रही है।
इसी बीच गड़चिरोली पुलिस दल द्वारा नक्सलियों के दहशत के प्रतीक वाले जिले के विभिन्न जगहों से करीब 44 नक्सल स्मारक बुधवार को नष्ट किए गए। अभियान में सी-60 कमांडो, सीआरपीएफ समेत जिला पुलिस दल के 18 पथक के करीब 800 जवानों ने की है।
यह कार्रवाइयां जिला पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल, अपर पुलिस अधीक्षक एम रमेश, अपर पुलिस अधीक्षक कार्तिक मधीरा, अपर पुलिस अधीक्षक गोकुल राज जी., अभियान के पुलिस उपअधीक्षक विशाल नागरगोजे समेत जिले के सभी उपविभागीय पुलिस अधिकारी के मार्गदर्शन में विशेष अभियान पथक और विभिन्न पुलिस थाने, उपपुलिस थाना, पुलिस सहायता केंद्रों के अधिकारी और जवानों ने की है।
गड़चिरोली जिले में नक्सल आंदोलन लगभग खत्म होकर जिले के नागरिकों में सुरक्षा का वातावरण निर्माण करने के लिए पुलिस दल सदैव प्रयासरत है। पुलिस दल जिले के नागरिकों के साथ होकर नक्सलियों के बहकावे में न आएं।
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नक्सलियों द्वारा लोगों में अपनी दहशत कायम रखने के लिए विभिन्न जगहों पर नक्सल स्मारक तैयार किए थे। ऐसे में बुधवार को 16 बीडीडीएस पथक, विशेष अभियान पथक, सीआरपीएफ व विभिन्न थानों के 18 पथकों के करीब 800 जवानों ने खोज मुहिम शुरू की।
जवानों ने एटापल्ली उपविभाग के 18, हेडरी उपविभाग के 17, भामरागड़ उपविभाग के 5, जिमलगट्टा उपविभाग के 2, धानोरा उपविभाग का 1 और पेंढरी उपविभाग में 1 सहित कुल 44 नक्सल स्मारकों का समावेश है। विशेषत: नक्सलियों के आश्रयस्थल के रूप में पहचाने जाने वाले अतिदुर्गम पेनगुंडा, कवंडे, तुमरकोठी, गर्देवाडा, वांगेतुरी व गट्टा (जां.) आदि गांवों के नक्सलियों के स्मारक ध्वस्त कर जवानों ने नागरिकों में दहशत कम की है।