13 बैठकों का कच्चा चिट्ठा और CCTV..NCP विलय पर रोहित पवार का सनसनीखेज दावा, बोले- तो कोल्हे होते प्रदेशाध्यक्ष

Maharashtra Politics Update: रोहित पवार का बड़ा खुलासा। NCP विलय के बाद प्रदेशाध्यक्ष कौन होते इसका खुलासा किया। अजित पवार गुट के 12 विधायक शरद पवार के संपर्क में। बैठकों के सीसीटीवी फुटेज का दावा।
Rohit Pawar claims Dr. Amol Kolhe was set to become unified NCP President if the merger happened.
रोहित पवार (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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jit Pawar Faction MLAs Sharad Pawar: राकां के दोनों गुटों के बीच विलय को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अब पार्टी के विधायक रोहित पवार ने एक बड़ा दावा किया है। यदि दोनों पक्षों का विलय हो गया होता। तो दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की इच्छानुसार डॉ. अमोल कोल्हे को महाराष्ट्र का प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाना तय था।

'अगर ये दोनों पक्ष एक साथ आ गए होते तो अजित दादा की भावनात्मक रूप से यही इच्छा थी। उनकी चाहत थी कि डॉ. अमोल कोल्हे संयुक्त राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष बनें।' उन्होंने आगे कहा कि अजित पवार पार्टी को विस्तार देना चाहते थे और इस दिशा में अमोल कोल्हे उनकी इच्छा के अनुरूप ही सक्रिय रूप से आगे बढ़ रहे थे।

बैठकों और सीसीटीवी फुटेज का जिक्र

विलय की प्रक्रिया को लेकर रोहित पवार ने बताया कि दोनों गुटों के बीच 13 से अधिक बैठकें हुई थीं। उन्होंने कहा, 'जयंत पाटिल ने भी इस बारे में स्पष्टीकरण दिया है। सुप्रिया सुले और शशिकांत शिंदे भी बोल चुके हैं। यदि किसी को प्रमाण चाहिए तो मंत्री लोढ़ा के घर के सामने लगे सीसीटीवी फुटेज देखे जा सकते हैं, जहां दादा अलग-अलग वाहनों से पहुंचे थे।"

अजित गुट के 12 MLA शरद पवार के संपर्क में

अजित पवार की राकां और शरद पवार की राकां के विलय की चर्चा इस समय जोरों पर है। लेकिन अब खबर आई है कि अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस के 12 विधायक शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस के संपर्क में हैं। यह सभी विधायक विलय के लिए शरद पवार के पार्टी के बड़े नेताओं से संपर्क कर रहे हैं, ऐसी जानकारी विश्वसनीय सूत्रों से सामने आई है। इन 12 विधायकों ने दोनों राष्ट्रवादी पार्टियों के एकजुट होने की इच्छा व्यक्त की है।

मुंबई में अजित पवार की पार्टी की बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी। अजित पवार के निधन के बाद पार्टी में आई रिक्तता और शरद पवार के नेतृत्व में फिर से काम करने की इच्छा इन 12 विधायकों की है। यदि दोनों राष्ट्रवादी पार्टियों का विलय करना है तो शरद पवार के पक्ष से लिखित प्रस्ताव आने के बाद ही इस पर चर्चा की जाएगी, ऐसा माना जा रहा है।

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