गड़चिरोली नगर परिषद: उपाध्यक्ष पद बना सियासी रण, कई नाम चर्चा में; भाजपा नेतृत्व की बढ़ी मुश्किल
Municipal Politics: गड़चिरोली नगर परिषद में नगराध्यक्ष के बाद अब उपाध्यक्ष पद और स्वीकृत पार्षदों की नियुक्ति को लेकर भाजपा में गुटबाजी तेज हो गई है, जिससे सियासी हलचल बढ़ी है।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Gadchiroli Nagar Parishad: गड़चिरोली नगराध्यक्ष द्वारा पदभार ग्रहण करने के बाद अब नगर परिषद में सत्ता के अगले समीकरण तय होने लगे हैं। इसी कड़ी में उपाध्यक्ष पद और ‘स्वीकृत पार्षद’ की नियुक्ति को लेकर सत्ताधारी भाजपा में तीखी खींचतान देखने को मिल रही है।
इन महत्वपूर्ण पदों पर अपने-अपने समर्थकों की नियुक्ति सुनिश्चित कराने के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी सक्रिय रूप से गुटबंदी में जुट गए हैं। नगर परिषद में कुल तीन स्वीकृत सदस्यों में से एक पद विपक्ष को देना अनिवार्य है, लेकिन शेष दो पदों के लिए भाजपा में कड़ा मुकाबला चल रहा है।
इन पदों पर अपने करीबी नेताओं को आगे बढ़ाने के लिए पार्टी के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। फिलहाल भाजपा नेताओं में प्रमोद पिपरे, सुधाकर येनगंधलवार, सुरेश भांडेकर और अनिल तिडके के नाम राजनीतिक गलियारों में जोरदार चर्चा में हैं।
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इनमें से किस नेता की राजनीतिक बाजी भारी पड़ती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। इसी तरह उपाध्यक्ष पद को लेकर भी भाजपा में खींचतान और तेज हो गई है। इस पद के लिए तीन नगरसेवकों ने खुलकर अपना दावा पेश किया है, जिससे पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व की परेशानी बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। उपाध्यक्ष पद पर किसे मौका मिलता है, इससे भविष्य की राजनीतिक दिशा और समीकरण तय होने की संभावना जताई जा रही है।
सभापति पद के लिए भी नगर सेवकों में बढ़ी प्रतिस्पर्धा
केवल उपाध्यक्ष पद ही नहीं, बल्कि विभिन्न विषय समितियों के सभापति पदों को लेकर भी नगरसेवकों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। पांच सदस्यीय विषय समितियों में राकां को कोई एक पद मिलने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, चुनाव के दौरान किसी प्रकार की औपचारिक गठबंधन न होने का हवाला देते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा राकां को समितियों में शामिल न किए जाने की मांग जोर पकड़ रही है।
वहीं, छह सदस्यीय समितियों में कांग्रेस और वंचित बहुजन आघाड़ी के एक-एक सदस्य की भूमिका भी निर्णायक मानी जा रही है। इन सदस्यों का रुख सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
15 को होगा विषय समितियों का चुनाव
नगराध्यक्ष की नियुक्ति के बाद शांत होने की उम्मीद की जा रही नप की राजनीति अब और गरमा गई है। आगामी 15 जनवरी को विषय समितियों का चुनाव होने वाला है। उपाध्यक्ष पद, स्वीकृत सदस्य और विषय समितियों की नियुक्तियों को लेकर भाजपा के भीतर चल रही अंदरूनी राजनीति ने शहर के राजनीतिक माहौल को और दिलचस्प बना दिया है।
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बताया जा रहा है कि भाजपा के ओर से उपाध्यक्ष पद के लिए अनिल कुनघाडकर, योगिता पिपरे और मुक्तेश्वर काटवे इन तीन नामों की चर्चा है। आने वाले दिनों में होने वाले फैसलों से यह स्पष्ट होगा कि गडचिरोली नगर परिषद में सत्ता का संतुलन आखिर किसके पक्ष में जाता है।
