गड़चिरोली के जारावंडी में ट्रैप कैमरे में कैद हुआ बाघ और तेंदुआ, ग्रामीणों में दहशत
Leopard In Gadchiroli: गड़चिरोली के जारावंडी क्षेत्र में ट्रैप कैमरों में बाघ और तेंदुआ कैद होने से उनकी मौजूदगी की पुष्टि हुई है। मवेशियों पर हमलों के बाद वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है।
- Written By: आंचल लोखंडे
ट्रैप कैमरा- फाइल फोटो (सोर्सः सोेशल मीडिया)
Gadchiroli Camera Trap: जारावंडी क्षेत्र में कुछ दिनों पहले बैल और गायों पर वन्यप्राणियों द्वारा किए गए हमलों के बाद फैली बाघ की दहशत अब और बढ़ गई है। इन हमलों के पीछे कौनसा वन्यप्राणी है, इसका पता लगाने के लिए वन विभाग ने क्षेत्र में ट्रैप कैमरे लगाए थे। इन कैमरों में बाघ और तेंदुआ स्पष्ट रूप से कैद हुए हैं। इससे क्षेत्र में बड़े वन्यप्राणियों की मौजूदगी की पुष्टि हुई है, जिसके चलते ग्रामीणों में भय का वातावरण बना हुआ है।
कुछ दिनों पहले जारावंडी क्षेत्र में वन्यप्राणियों ने पालतू मवेशियों पर हमला किया था, जिसमें बैल और गायों की मौत हो गई थी। इन घटनाओं के बाद ग्रामीणों में क्षेत्र में बाघ के विचरण की चर्चा शुरू हो गई थी। इसके बाद वन विभाग ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैप कैमरे लगाकर वन्यप्राणियों की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू किया।
ट्रैप कैमरे में दिखे बाघ और तेंदुआ
इस दौरान ट्रैप कैमरों में बाघ और तेंदुआ दिखाई देने से क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी स्पष्ट हुई है। कई वर्षों बाद इस -इलाके में फिर से बाघ की गतिविधियां सामने आने से जंगल से सटे गांवों में चिंता का माहौल है। ट्रैप कैमरे में बाघ के दिखाई देने के बाद जारावंडी क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियों का मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
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नागरिकों को सतर्क रहने की अपील
जारावंडी क्षेत्र में लगाए गए ट्रैप कैमरों में बाघ की मौजूदगी सामने आने के बाद वन विभाग ने नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। कई वर्षों बाद इस क्षेत्र में फिर से बाघ की गतिविधियां दिखाई देने से जंगल से लगे गांवों के किसानों, पशुपालकों और खेत मजदूरों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए नागरिक सतर्क रहें और प्रशासन का सहयोग करें, ऐसा आह्वान वन विभाग ने किया है।
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वनविभाग की नजर वन्य प्राणियों की गतिविधियों पर
वनपरिक्षेत्र अधिकारी कसनसूर के डब्ल्यू.एस. नगराले ने बताया कि कसनसूर वनपरिक्षेत्र के संबंधित क्षेत्र में ट्रैप कैमरों के माध्यम से बाघ और तेंदुए की मौजूदगी स्पष्ट हुई है। इसलिए नागरिकों को घबराने के बजाय विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए, वन विभाग के कर्मचारी क्षेत्र में नियमित गश्त कर रहे है और के वन्यप्राणियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
