Gondia News: आमगांव में सड़क-नाली निर्माण पर उठे सवाल, नागरिकों ने मांगी तकनीकी जांच

Road Construction Controversy: आमगांव नगर परिषद क्षेत्र में सीमेंट कांक्रीट सड़क और नाली निर्माण की गुणवत्ता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
amgaon road drain construction quality controversy
आमगांव नगर परिषद (सोर्सः सोशल मीडिया)
Updated on

Amgaon Municipal Council: आमगांव नगर परिषद क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर किए गए सीमेंट कांक्रीट सड़क व नाली निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय नागरिकों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। नागरिकों का आरोप है कि कई निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है, जिससे विकास कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र तकनीकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

अनियमितता की चर्चानागरिकों के अनुसार, सालेकसा रोड स्थित कोरेबार से गणेशपुर मार्ग पर किए गए सड़क निर्माण कार्य में कई अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना है कि जहां जल निकासी के लिए पुल या आवश्यक संरचनाएं बनाई जानी चाहिए थीं, वहां बिना पर्याप्त व्यवस्था किए ही सड़क का निर्माण कर दिया गया। इसके अलावा स्वीकृत तकनीकी मानकों के अनुसार 18 एमएम गिट्टी का उपयोग किया जाना था, लेकिन निर्माण में कथित रूप से 14 एमएम गिट्टी का इस्तेमाल किया गया।

घटिया सड़क निर्माण का आरोप

नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद के संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं ने इन कथित अनियमितताओं की अनदेखी की है। उन्होंने मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य की जांच के लिए उच्चस्तरीय तकनीकी समिति गठित की जाए तथा यदि अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित ठेकेदार, अभियंता और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही घटिया गुणवत्ता वाले निर्माण कार्यों को संबंधित ठेकेदार से दोबारा करवाया जाए।

आमगांव नगर परिषद से जांच की मांग

यह मांग तीरथ येटरे, अभय ढेंगे, नितेश दोनोडे, बालू वंजारी, विनोद तावाडे, पिंकेश शेंडे, जगदीश चुटे, प्रशांत गायधने, धीरज ठाकरे, समीर पठाण और राजू लाडसे सहित अन्य नागरिकों ने की है।मुख्याधिकारी ने आरोपों को किया खारिजइस मामले में आमगांव नगर परिषद के मुख्याधिकारी प्रमोद कांबले ने सड़क निर्माण में घटिया गुणवत्ता के आरोपों को खारिज किया है।

तकनीकी मानकों के पालन पर उठे सवाल

उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं संबंधित स्थल का निरीक्षण किया है। निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट रूप से पाया गया कि सड़क निर्माण में 18 एमएम गिट्टी का ही उपयोग किया गया है तथा पूरा कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप किया गया है। मुख्याधिकारी ने कहा कि नगर परिषद पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और केवल अधिकृत जानकारी पर ही भरोसा करें।

Navbharat Live
navbharatlive.com