प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
ST Bus Accident: गड़चिरोली जिले में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला नए वर्ष में भी थमता नजर नहीं आ रहा है। बीते वर्ष जिले के विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर हुई सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 200 लोगों की मृत्यु हुई थी। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से वर्ष 2026 में दुर्घटना दर को शून्य प्रतिशत पर लाने का दावा किया गया था।
किंतु नए वर्ष के पहले ही महीने में विभिन्न स्थानों पर हुई दुर्घटनाओं ने इन दावों की वास्तविकता उजागर कर दी है। इसी कड़ी में सोमवार सुबह लगभग 8।30 बजे गड़चिरोली-आरमोरी मार्ग पर एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई। नागपुर की ओर जा रही महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम की बस तथा एक निजी ट्रैवल्स बस चुरमुरा गांव के पास एक ही दिशा में जा रही थीं।
ओवरटेक करने के प्रयास में निजी ट्रैवल्स बस ने एसटी बस को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में एसटी बस में सवार 20 यात्री घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही गड़चिरोली पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची।
पुलिस एवं स्थानीय नागरिकों की सहायता से घायलों को बाहर निकालकर उपचार के लिए गड़चिरोली के जिला सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं, जबकि कुछ को सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें लगी हैं। सौभाग्यवश इस दुर्घटना में किसी की जान नहीं गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
इस भीषण दुर्घटना में ट्रैव्हल समेत रापनि की बस के यात्री भी घायल हुए है। इसमें ट्रैवल्स से सफर करने वालों में अरुणा मारुति खेवले (गड़चिरोली), एड। हर्षल धनराज बोरकुटे, साई हरिनाम कोकोडे दोनों (नवेगांव), सुशीला भीमराव तुमरेटी (गड़चिरोली), गौतम जगदीश रामटेके (गड़चिरोली), यशोदा यशवंत उंदिरवाडे (गड़चिरोली) का समावेश है। वहीं बस के यात्रियों में उत्कर्ष अनिल बुरले (गड़चिरोली), अमित हरिदास पाल (गड़चिरोली), यादव सोमाजी जुमनाके (कुरखेड़ा), आदित्य वासूदेव घरत (चिमूर), योगेश विठोबाजी नैताम (वडधा ता। आरमोरी), मोनाली हिवराज बागडे (नागपुर), सोनल राजेश बिलोणे (गोंदिया), पापय्या पोशेट्टी मेडीवार (एटापल्ली), यशवंत उंदिरबाडे (गड़चिरोली), देवराव महादेव भरडकर (नवेगांव), कुणाल हिरानाम कोकोडे (नवेगांव), दिनेश छगन नंदनवार (गड़चिरोली), लीना हरिनाम कोकोडे (नवेगांव), संजीव कवडू गावतूरे (पिसेवडधा ता। आरमोरी) का समावेश है।
गौरतलब है कि जिले के राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही में लगातार वृद्धि हो रही है। संकरे मार्ग, यातायात नियमों की अनदेखी, तेज गति, अनियंत्रित ओवरटेक तथा रात्रिकालीन समय में अपर्याप्त रोशनी व्यवस्था के कारण दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ रही है।
विशेष रूप से गड़चिरोली-आरमोरी, गडचिरोली-चामोशीं तथा गड़चिरोली-अहेरी मार्ग दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील बनते जा रहे हैं।
नागरिकों द्वारा मांग की जा रही है कि यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएं, गति नियंत्रण के लिए ठोस उपाय किए जाएं, दुर्घटना प्रवण स्थलों पर चेतावनी संकेतक लगाए जाएं तथा भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए।
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प्रशासन को केवल घोषणाओं तक सीमित न रहते हुए ठोस और प्रभावी कार्रवाई करने की आवश्यकता है। नए वर्ष की शुरुआत में हुई यह दुर्घटना यह स्पष्ट करती है कि “दुर्घटनामुक्त गड़चिरोली का लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रशासन को और अधिक गंभीर तथा ठोस प्रयास करने होंगे।