नागपुर मनपा बजट (डिजाइन फोटो)
Nagpur Municipal Corporation Budget 2026: नागपुर महानगरपालिका में प्रशासक राज के 4 वर्ष बीत जाने के बाद अब पहली बार मनपा आयुक्त विपिन इटनकर द्वारा 13 मार्च तक स्थायी समिति को बजट पेश किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 5,438.61 करोड़ का बजट पेश किया था जिसमें नगर रचना के बाद सम्पत्ति कर विभाग, जलप्रदाय विभाग आदि से बड़ी आय होने का अनुमान लगाया था।
हालांकि चुनावी वर्ष होने के कारण वसूली भले ही कम रही हो किंतु वित्तीय वर्ष 2026-27 के लक्ष्य में कमी नहीं होने का अनुमान है। यहीं कारण है कि अब वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 6 हजार करोड़ के पार जाने की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषत: वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में सर्वाधिक 500 करोड़ के आय के लक्ष्य वाले नगर रचना विभाग की ओर से भी अब तक 60 प्रतिशत तक ही आय पहुंच सकी है।
जानकारों की मानें तो नागपुर मनपा के वित्तीय वर्ष 2025-26 के संशोधित बजट में भले ही कटौती दिखाई दे किंतु वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित बजट में जीएसटी अनुदान, सम्पत्ति कर से आय और नगर रचना से तिजोरी भरने की आशा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में मनपा को जीएसटी के रूप में 1920 करोड़ के करीब सरकार से निधि प्राप्त होगी।
इसी तरह से सम्पत्ति कर विभाग को 375 करोड़ के करीब लक्ष्य दिया जाएगा। यहां तक कि नगर रचना विभाग की वसूली भले ही कम रही हो, किंतु इस विभाग के माध्यम से भी 550 करोड़ के करीब अगले वित्तीय वर्ष में आय होने का अनुमान बजट में जताया जा सकता है। इसके अलावा बाजार विभाग, अग्निशमन विभाग, बगीचा विभाग जैसे अनेक विभागों के साथ ही आरेंज सिटी स्ट्रीट जैसे प्रकल्पों से भी आय में वृद्धि होगी। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से होनेवाले जल शुद्धिकरण के बाद इससे भी आय बढ़ने का अनुमान है।
| विभाग | अनुमानित आय (करोड़ में) |
| GST अनुदान | 1,920 करोड़ रुपए |
| नगर रचना | 540 करोड़ रुपए |
| संपत्ति कर | 375 करोड़ रुपए |
| जलापूर्ति | 265 करोड़ रुपए |
उल्लेखनीय है कि हाल ही में राज्य सरकार की ओर से रेडीरेकनर की नई दरें लागू होने के स्पष्ट संकेत दिए गए हैं। रेडीरेकनर की दरें लागू होते ही सम्पत्ति की खरीद-फरोख्त के साथ मनपा को मिलनेवाले मुद्रांक शुल्क में भी वृद्धि होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। यहीं कारण है कि मुद्रांक शुल्क के तौर पर मनपा को मिलने वाली 70 करोड़ की आय में काफी इजाफा होने का अनुमान है। जानकारों के अनुसार मनपा की सभा ने ही जल कर में वृद्धि का अधिकार मनपा आयुक्त को दिया था जिसके अनुसार जलप्रदाय के माध्यम से होने वाली आय में भी बढ़ोत्तरी होगी। गत वर्ष की तुलना में वित्तीय वर्ष 2026-27 में मनपा को इससे 275 करोड़ के करीब प्राप्त होने का अनुमान है।
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सूत्रों के अनुसार मनपा आयुक्त द्वारा पेश होने वाले बजट को लेकर प्रशासन की ओर से काफी पहले ही तैयारियां की जा चुकी थीं। यहां तक कि तत्कालीन मनपा आयुक्त अभिजीत चौधरी की ओर से बजट भाषण को भी हरी झंडी दे दी गई थी जिसके बाद बजट की छपाई की तैयारियां शुरू हो चुकी थी किंतु इसी दौरान अचानक चौधरी का तबादला हो गया जिससे कुछ तकनीकी पेंच भले ही खड़ा हो गया लेकिन नए आयुक्त विपिन इटनकर की मंजूरी के बाद बजट भाषण में केवल नाम बदलकर छपाई शुरू कर दी गई।