गर्भवती को चारपाई से 3 किमी दूर एंबुलेंस तक पहुंचाया, गड़चिरोली में खुली प्रशासन के दावों की पोल
Gadchiroli News: गड़चिरोली के गोटाटोला गांव में गर्भवती रूनीता दुग्गा की जान स्वास्थ्यकर्मियों और स्थानीय ग्रामीणों ने जंगल पार कर बचाई। महिला और शिशु दोनों सुरक्षित है।
- Written By: आकाश मसने
गर्भवती महिला को चारपाई पर ले जाते परिजन (फोटो नवभारत)
Gadchiroli Health Services News: गड़चिरोली जिले की आदिवासी बहुल और अतिदुर्गम क्षेत्र में बसी एटापल्ली तहसील के गोटाटोला गांव की घटना से सरकार और प्रशासन के सभी दावों को विफल कर दिया है। मंगलवार को सुबह गर्भवती माता रूनीता दुग्गा (20) को प्रसूति पूर्व अचानक चक्कर आने से गंभीर स्थिति निर्माण हो गयी। यह माता रेकनार (कसनसूर) निवासी होकर प्रसूति के लिए वह कुछ दिन पहले जारावंडी अंतर्गत गोटाटोला गांव में आई थी।
घटना की जानकारी मिलते ही गोटाटोला की आशा वर्कर तत्काल जारावंडी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क किया। यह जानकारी मिलते ही समुदाय स्वास्थ्य अधिकारी गजानन शिंदे ने अपनी वैद्यकीय टीम और एम्बुलेंस को लेकर तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। लेकिन गोटाटोला की ओर जाने वाले 3 किमी सड़क की हालत काफी विकट होने के कारण कच्ची सड़क के कारण एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाई।
3 किमी चारपाई पर लेटाकर पहुंचाया
ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य कर्मचारियों को साहस दिखाते हुए कुछ किमी पैदल चलकर जंगल का मार्ग पार किया और गर्भवती माता तक पहुंचे। मामले की गंभीरता समझते हुए स्वास्थ्य कर्मचारियों की स्थानीय नागरिकों की सहायता से गर्भवती माता को चारपाई पर लेटाकर 3 किमी दूर एम्बुलेंस तक पहुंचाया।
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इसके बाद महिला की जान बचाने के लिए जारावंडी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाकर तत्काल वैद्यकीय उपचार शुरू किया गया। जिससे माता व शिशु सुरक्षित होने की जानकारी वैद्यकीय अधिकारी ने दी।
एक तरफ सरकार और प्रशासन द्वारा जिले के आखिरी छोर तक सुविधा पहुंचाने की बात कही जा रही है। लेकिन वास्तविक में अब तक दुर्गम क्षेत्र के गांवों तक पक्की सड़क नहीं पहुंच पायी है। यदि गर्भवती माता को समय पर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पाती तो, शायद उसे अपनी जान भी गंवानी पड़ सकती थी। सड़क के अभाव में गर्भवती माता को चारपाई का सहारा लेना पड़ने से परिसर के नागरिकों में तीव्र रोष व्याप्त है।
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
गोटाटोला गांव में सड़क की समस्या को लेकर इससे पहले भी ग्रामीणों ने सरकार व प्रशासन का ध्यानाकर्षण कराने का प्रयास किया था। स्वतंत्रता दिवस पर सभी ग्रामीण एटापल्ली के उपविभागीय अधिकारी कार्यालय के सामने आंदोलन करने का निर्णय लिए थे।
गुटविकास अधिकारी गांव में पहुंचकर सड़क का निर्माण करने का आश्वासन देने के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन नहीं किया था। जिसके बाद केवल सड़क पर मुरुम बिछाकर मरम्मत की गई।
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कुछ दिन बाद समस्या जस की तस हो गयी। इसके बाद ग्रामीणों ने पुन: इस मामले की ओर तहसील प्रशासन का ध्यानाकर्षण कराया। बावजूद इसके सड़क का निर्माण नहीं किया गया। जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली के प्रति ग्रामीणों में तीव्र नाराजगी व्याप्त होकर अब ग्रामीणों ने तीव्र आंदोल करने की चेतावनी दी है।
सड़क कार्य मंजूर करने की मांग
गोटाटोला गांव में सड़क निर्माण करने की मांग पिछले अनेक वर्षों से प्रलंबित है। सरकार और प्रशासन का ध्यानाकर्षण कराने के बाद भी पक्की सड़क का निर्माण नहीं किए जाने के कारण बारिश के दिनों में ग्रामीणों को सर्वाधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन दिनों कीचड़ से भरे मार्ग से आवागमन करने की नौबत आ पड़ी है। जिससे तत्काल सड़क का कार्य मंजूर करने की मांग क्षेत्र के नागरिकों ने की है।
