गड़चिरोली किसान (सौजन्य- नवभारत)
Chamorshi Land Issue News: भेंडाला परिसर के 14 गांवों की सरकारी व निजी सहित कुल 3718 हेक्टेयर जमीन प्रकल्प को अधिग्रहित कर किसानों को बर्बाद करेंगे क्या, ऐसा सवाल उपस्थित कर किसानों द्वारा बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाने वाला है। इसमें सभी किसान सहयोग करें, ऐसा आह्वान शेतकरी जनआंदोलन कृति समिति ने पत्रपरिषद के माध्यम से किया है।
पत्र परिषद में बताया कि भूसंपादन कानून 2013 में बारहमासी सिंचाई तथा बहुफसल लेने वाले खेत जमीन अंतिम विकल्प के तौर पर अधिग्रहित करें, ऐसा प्रावधान होने के बावजूद ऐसी जमीनों का अधिग्रहण करने के लिए कैसे अधिसूचित किए गए? ऐसा सवाल पूछते हुए परिसर की जमीन किसानों ने पीढ़ी दर पीढ़ी मेहनत कर सुपिक की है। सिंचाई सुविधा के चलते परिसर के किसान 3 बार फसलें लेते है। ऐसे में सरकार किसानों की जमीन कैसे उद्योगपतियों को दे सकती है।
प्रकल्प में खेती के बदले में परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी देने का प्रलोभन कंपनी तथा सरकार दिखा रही है। भविष्य की पीढ़ी व रोजगार का क्या?, आने वाली पीढ़ी क्या करें? ऐसी समस्या तैयार कर 14 गांव को स्थलांतरित करने का छड़यंत्र है क्या? पत्रपरिषद में मनोज पोरटे, भुवनेश्वर चुदरी, सुधीर शिवणकर, कुंदा जुवारे, संजय खेडेकर, नरेंद्र जुवारे, सुनील कन्नाके, चरण पोरटे, विवेक भगत, नामदेव किन्हेकर समेत शेतकरी जनआंदोलन कृति समिति के सदस्य, गांवों के सरपंच व किसान उपस्थित थे।
चामोर्शी तहसील में बड़े पैमाने पर राजस्व विभाग की पड़ी जमीन उपलब्ध होने के बावजूद सुपिक व सिंचाई युक्त जमीन का चयन करने का क्या कारण है ऐसा सवाल भी किसानों ने पूछा है। इसके खिलाफ सभी गांव में कृति समिति स्थापन करने की बात भी कही है। शेतकरी बचाव जनआंदोलन समिति ने कहा कि इस विकासत्मक प्रकल्प को हमारा विरोध नहीं है, लेकिन यह विकास हमें भूमिहीन न करें, सरकार वैकल्पिक जगह की खोज कर उस जगह प्रकल्प निर्माण करें, सरकार 14 गांवों में सर्वेक्षण कर किसानों का मत पूछने के बाद ही आगामी प्रक्रिया चलाएं, 13 जनवरी को भेंडाला परिसर के 14 गांवों को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में घोषित की गई अधिसूचना तत्काल रद्द करें।
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उक्त प्रमुख मांग मान्य न होने पर किसान चरणबद्ध रूप से आंदोलन करने वाले है। इस दौरान 12 मार्च को मुंडन आंदोलन किया जाने वाला है। इसके बाद अर्धनग्न आंदोलन, इसके बाद एक दिवसीय अनशन, इसके बाद जलसमाधि, उपविभागीय अधिकारी चामोर्शी के कार्यालय पर मोर्चा, जिलाधिकारी कार्यालय पर मोर्चा ऐसे आंदोलन कर सरकार का ध्यानाकर्षण किया जाने वाला है।