पश्चिम बंगाल में बड़ा हादसा: गड़चिरोली के BSF जवान सुरेश दुर्गुजी अंबाडारे शहीद, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
BSF Jawan Death: गड़चिरोली के कुरखेडा तहसील निवासी बीएसएफ जवान सुरेश अंबाडार की पश्चिम बंगाल के मालदा स्थित कैंप में ड्यूटी के दौरान साथी जवान की गोली लगने से मौत हो गई।
- Written By: अंकिता पटेल
गड़चिरोली, बीएसएफ जवान, सुरेश अंबाडार, शहीद जवान, (सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
Gadchiroli BSF Jawan Dies Duty: गड़चिरोली, ब्यूरो, देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने सपनों का बलिदान देने वाले सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का जवान कुरखेडा तहसील के मरारटोला निवासी सुरेश दुर्गजी अंबाडार (35) अब कभी अपने परिवार के बीच नहीं लौटेंगे। पश्चिम बंगाल के मालदा स्थित बीएसएफ कैंप में ड्यूटी के दौरान एक साथी जवान की गोली लगने से उनकी मौत हो गयी।
शादी में शामिल होकर सीमा पर लौटा
कुछ महीने पहले ही वह अपने भाई और चचेरी बहन की शादी में शामिल होने के लिए गांव आए थे। तब पूरे परिवार खुशी-खुशी उन्हें विदा किया था। किसी ने नहीं सोचा था कि, अगली बार वह तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर के रूप में लौटेंगे। अप्रैल 2026 में सुरेश अंबाडार अपने भाई और चचेरी बहन के विवाह समारोह में शामिल होने के लिए अपने गांव मरारटोला ने आए थे।
परिवार के साथ बिताए वह खुशियों भरे पल ही उनके जीवन के अंतिम पारिवारिक क्षण साबित हुए। मई में छुट्टी समाप्त होने के बाद वे पुनः मालदा स्थित बीएसएफ कैंप में अपनी ड्यूटी पर लौट गए। अगस्त में एक माह की छुट्टी लेकर फिर घर आने की योजना थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। सुरेश की शहादत से केवल देश ने एक वीर जवान ही नहीं खोया, बल्कि एक गरीब परिवार का सहारा भी छिन गया।
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परिवार के पास मात्र सवा एकड़ खेती है। वृद्ध माता पिता, दो छोटे भाई और खेती-मजदूरी पर निर्भर परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी सुरेश के कंधों पर थी। बड़े भाई और बहन का थीं। पहले ही असमय निधन हो चुका था। सीमा पर तैनाती के कारण उनकी पत्नी प्रियंका अपनी दो वर्षीय बेटी युक्ति के साथ गड़चिरोली में किराये के मकान में रहती
शनिवार को गांव पहुंचेगा पार्थिव शरीर
मरारटोला पहुंचे परिजनों ने बताया कि, शुक्रवार सुबह पुराडा पुलिस थाने के अधिकारियों ने घर पहुंचकर जानकारी दी कि, सुरेश का पार्थिव शनिवार को गांव लाया जाएगा। हालांकि उस समय तक तहसील प्रशासन का कोई अधिकारी परिवार से मिलने नहीं पहुंचा था।
बाद में तहसील कार्यालय से संपर्क करने पर अधिकारियों ने तत्काल गांव पहुंचने की जानकारी दी। शाम को उपविभागीय अधिकारी (एसडीएम), तहसीलदार जाधव तथा नायब तहसीलदार राजकुमार धनबाते मरारटोला पहुंचे।
उन्होंने शहीद जवान के परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना व्यक्त की तथा पार्थिव आगमन, अंतिम दर्शन और राजकीय सम्मान के साथ होने वाले अंतिम संस्कार की तैयारियों का जायजा लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
मौत से एक घंटे पहले ही पत्नी से मोबाइल पर हुई थी बात
हादसे से करीब एक घंटे पहले सुरेश ने अपनी पत्नी प्रियंका से मोबाइल पर बात की थी। उन्होंने बेटी युक्ति के लिए कपड़े और अन्य जरूरी सामान खरीदने हेतु ऑनलाइन पैसे भी भेजे थे।
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राजकीय सम्मान में अंतिम संस्कार
देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले बीएसएफ जवान सुरेश अंबाडार का अंतिम संस्कार शनिवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है।
