flipkart पर बड़ा फैसला: मंगाया आईफोन, मिला दाढी बढाने का तेल, उपभोक्ता फोरम ने लगाया 1.81 लाख का जुर्माना
Flipkart iPhone Delivery Case: फ्लिपकार्ट से iPhone 14 Pro मंगाने पर निकला दाढ़ी का तेल। मुंबई उपभोक्ता आयोग ने फ्लिपकार्ट पर ₹1,11,793 रिफंड और ₹70,000 मुआवजे का आदेश दिया।
- Written By: रूपम सिंह
मंगाया आईफोन, मिला दाढी बढाने का तेल, (AI जेनरेटेड इमेज)
Flipkart iPhone Fraud Consumer Court Order Mumbai: मुंबई के एक उपभोक्ता ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट से iPhone 14 Pro ऑर्डर किया था, लेकिन डिलीवरी मिलने पर पैकेट खोलने पर उसमें स्मार्टफोन की जगह दाढ़ी बढ़ाने वाला तेल मिला। इसके बाद उपभोक्ता ने कंपनी से शिकायत की, लेकिन संतोषजनक समाधान नहीं मिलने पर मामला मुंबई जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग पहुंचा।
रिफंड और मुआवजे का आदेश
मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने फ्लिपकार्ट और विक्रेता इंटरनेशनल वैल्यू रिटेल प्राइवेट लिमिटेड को उपभोक्ता को ₹1,11,793 की राशि लौटाने का निर्देश दिया। इसके अलावा मानसिक परेशानी और असुविधा के लिए ₹70,000 का मुआवजा देने तथा मुकदमे का पूरा खर्च भी वहन करने का आदेश दिया गया।
आयोग ने सेवा में कमी माना
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि उपभोक्ता की शिकायतों को बिना उचित जांच और समाधान के बार-बार बंद करना अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कमी की श्रेणी में आता है। केवल ऑनलाइन बिक्री का मंच उपलब्ध कराकर ई-कॉमर्स कंपनियां अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकतीं।
सम्बंधित ख़बरें
ठाणे में झमाझम बारिश से तानसा और मोडक सागर डैम ओवरफ्लो: 53% बारिश पूरी; नदी किनारे बसे गांवों को अलर्ट जारी
प्रोटेस्ट के बीच महाराष्ट्र में MBBS छात्रों को मिली बड़ी राहत, 1 साल के बॉन्ड से आजादी, राज्य सरकार का फैसला
बंद स्कूलों में कैसे होगी पढ़ाई? नागपुर में RTE प्रवेश प्रक्रिया की बड़ी लापरवाही
दिल्ली आंदोलन के चलते महाराष्ट्र में हाई अलर्ट, CM आवास ‘वर्षा’ और मंत्रालय की सुरक्षा मजबूत; पुलिस तैनात
यह भी पढ़ें:- प्रोटेस्ट के बीच महाराष्ट्र में MBBS छात्रों को मिली बड़ी राहत, 1 साल के बॉन्ड से आजादी, राज्य सरकार का फैसला
ई-कॉमर्स कंपनियों की जिम्मेदारी पर अहम टिप्पणी
आयोग ने स्पष्ट किया कि ग्राहक को वही उत्पाद सही स्थिति में उपलब्ध कराना, जिसका ऑर्डर दिया गया है, और शिकायतों के समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था करना ई-कॉमर्स कंपनियों की जिम्मेदारी है। आयोग ने यह भी कहा कि शिकायत मिलने के बावजूद उसकी उचित जांच नहीं करना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। यह फैसला ऑनलाइन खरीदारी करने वाले मुंबई उपभोक्ताओं के अधिकारों और ई-कॉमर्स कंपनियों की जवाबदेही को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
