

S Janaki Last Rites: दक्षिण भारतीय सिनेमा की महान पार्श्व गायिका एस जानकी को रविवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। 88 वर्ष की उम्र में 11 जुलाई को उनके निधन के बाद 12 जुलाई को मैसूर में उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक, कलाकार और शुभचिंतक पहुंचे। माहौल बेहद भावुक रहा और कई फैंस अपनी प्रिय गायिका को अंतिम विदाई देते समय आंसू नहीं रोक पाए।
एस जानकी के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां हजारों लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके निधन से दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग ही नहीं, बल्कि पूरे भारतीय संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम संस्कार के दौरान एस जानकी की पोती अप्सरा वैद्युला ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी दादी को याद किया।
अप्सरा वैद्युला ने कहा कि यह केवल उनके परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश और दुनिया के संगीत प्रेमियों के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि मेरी दादी सिर्फ एक महान गायिका नहीं थीं, बल्कि हमारे परिवार की सबसे प्यारी सदस्य भी थीं। उन्होंने मुझे जीवन और संगीत दोनों से जुड़ी कई बातें सिखाईं। उनकी पोती होना मेरे लिए गर्व की बात है। वह अपने गीतों के जरिए हमेशा हमारे बीच रहेंगी।
समाचार एजेंसी द्वारा साझा किए गए वीडियो में देखा गया कि बड़ी संख्या में लोग एस जानकी के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। कई प्रशंसक उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए फूट-फूटकर रो पड़े। दशकों तक अपनी आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली इस महान गायिका को विदा करते समय हर किसी की आंखें नम थीं। सोशल मीडिया पर भी उनके प्रशंसकों और फिल्मी हस्तियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके सदाबहार गीतों को याद किया।
एस जानकी भारतीय संगीत जगत की सबसे बहुमुखी गायिकाओं में गिनी जाती थीं। उन्होंने अपने लंबे करियर में 48 हजार से अधिक गीत रिकॉर्ड किए। तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, हिंदी, संस्कृत, ओड़िया, पंजाबी, बंगाली, उर्दू और कोंकणी समेत कई भाषाओं में अपनी मधुर आवाज का जादू बिखेरा। उनके निधन के साथ भारतीय संगीत ने अपनी सबसे अनमोल आवाजों में से एक को खो दिया है।