गड़चिरोली में फर्जी डॉक्टर का पर्दाफाश, 3 पर दर्ज FIR, 4 सालों से चल रहा था फर्जीवाड़ा

Crime News: गड़चिरोली में वैद्यकीय पदवी नहीं होने के बावजूद उपचार कर मरीजों से पैसे वसूल करने वाले का मामला सामने आया है। इस मामले में 3 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
Crime News: गड़चिरोली में वैद्यकीय पदवी नहीं होने के बावजूद उपचार कर मरीजों से पैसे वसूल करने वाले का मामला सामने आया है। इस मामले में 3 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
फर्जी डॉक्टर का पर्दाफाश (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Gadchiroli News: गड़चिरोली जिले के ग्रामीण अंचल में वैद्यकीय पदवी नहीं होने के बावजूद उपचार कर मरीजों से पैसे वसूल करने वाले 3 आरोपियों के खिलाफ असरअल्ली पुलिस थाने में 4 नवंबर को मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई असरअल्ली गांव में की गई। करीब 4 वर्षो से मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ शुरू होने की जानकारी है।

आरोपियों में सिरोंचा तहसील के असरअल्ली निवासी शरद बाबू वेग्ग्लम (60), चंद्रया भाथू (39) तथा गौरशंकर बैरी (50) का समावेश है। अधिक जानकारी के अनुसार आरोपियों ने स्वयं को चिकित्सक के रूप में बतकर वैद्यकीय व्यवसाय किया। स्थानीय व्यावसायियों द्वारा दिए गए शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग तथा पुलिस ने संयुक्त जांच मुहिम चलाकर यह मामला उजागर किया। इस गंभीर मामले संदर्भ में तीनों आरोपियों के खिलाफ सिरोंचा पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया।

बिना पदवी के जारी उपचार

जांच में कोई भी पदवी नहीं होने पर भी उपचार करने की बात सामने आयी है। तहसील स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोहर कन्नाके, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कमलेश झाडे तथा पुलिस उपनिरीक्षक प्रवीण सोनवणे ने यह कार्रवाई की। इस रैकेत में और किसी का सहभाग तो नहीं है, इसकी खोज जारी है। वहीं फर्जी डाक्टरों द्वारा उपचार लेने वाले मरीजों की भी जांच शुरू है। मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक प्रसाद पवार कर रहे हैं।

4 वर्षो से चल रहा था फर्जीवाड़ा

उक्त तीनों फर्जी चिकित्सकों द्वारा विगत 4 वर्षों से असरअल्ली में अस्पताल लगाकर मरीजों पर गैरकानूनी रूप से उपचार कर रहे थे। जिससे वे मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे थे। इस संदर्भ में कुछ शिकायते प्राप्त होते ही मामले की जांच की गई। इस दौरान पुलिस ने 3 आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज किए। इस कार्रवाई के दौरान शरद वेग्गलम तथा चंद्रया भौथू को दस्ते ने हिरासत में लिया। उन्हे पुलिस ने नोटिस देकर रिहा किया। वहीं गौरीशंकर बैरी यह फरार है। उसकी खोज की जा रही है।

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