मुंबई-आगरा राजमार्ग पर निर्माण कार्य बना डेथ ट्रैप, गोंदे-पिंप्रीसदो के बीच धीमी गति और लापरवाही से बढ़े हादसे

Mumbai Agra Highway: मुंबई-आगरा राजमार्ग पर गोंदे से पिंप्रीसदो के बीच धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्य और सुरक्षा लापरवाही के कारण बढ़ते सड़क हादसों से स्थानीय नागरिकों में आक्रोश बढ़ रहा है।
Igatpuri road accident
Gonde Pimprisado construction (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Igatpuri Road Accident: मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर गोंदे से पिंप्रीसदो के बीच चल रहा छह-मार्गीकरण (तीन लेन) का कार्य यात्रियों के लिए खतरा बन गया है। निर्माण कार्य की धीमी गति और ठेकेदार की कथित लापरवाही के कारण इस क्षेत्र में प्रतिदिन सड़क हादसे हो रहे हैं, जिनमें अब तक सैकड़ों नागरिक घायल हो चुके हैं और कई स्थायी रूप से विकलांग हुए हैं।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक उदासीनता

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि निर्माण कार्य में जुटी एजेंसियां यात्रियों और वाहनों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त उपाय नहीं कर रही हैं। राजमार्ग प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। गोंदे से वडपे के बीच काम कर रही इगतपुरी हाईवे कंपनी पर संबंधित ठेकेदार को संरक्षण देने का आरोप लगाया जा रहा है। नियमों के विरुद्ध, एक हिस्से का काम पूरा करने के बजाय दोनों ओर अलग-अलग जगहों पर खुदाई कर दी गई है। पर्याप्त सूचना बोर्ड और संकेतकों के अभाव में वाहन सीधे गड्ढों में गिर रहे हैं।

रविवार को पाडळी फाटा के पास हादसा

पिछले दो वर्षों से गोंदे, पाडळी, मुंढेगांव और बोरटेंभे में फ्लाईओवर का निर्माण बेहद धीमी गति से चल रहा है। इसी के चलते रविवार, 15 फरवरी की सुबह पाडळी फाटा के पास एक कार अनियंत्रित होकर निर्माण कार्य के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में जा गिरी। सौभाग्य से इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन वाहन में सवार यात्री घायल हो गए और कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

जिम्मेदारी से भाग रही निर्माण एजेंसियां

जब इस संबंध में कार्यदायी संस्था से पूछताछ की गई, तो उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय वाहन चालकों पर ही दोष मढ़ दिया। गौरतलब है कि इस मार्ग पर केपीजी कॉलेज के सामने नवनिर्मित सड़क की ऊंचाई बढ़ जाने के कारण बड़े कंटेनर अक्सर फुटओवर ब्रिज के नीचे फंस जाते हैं, जिससे घंटों ट्रैफिक जाम लगा रहता है।

आंदोलन की चेतावनी

काम शुरू होने से अब तक कई मौतों और गंभीर चोटों के बावजूद प्रशासन की नींद नहीं टूटी है। क्षेत्र के वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्माण एजेंसी ने तुरंत सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया और कार्य में तेजी नहीं लाई, तो वे उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।

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