भामरागढ़ में पुलिया निर्माण पर विवाद, व्यापारियों ने अनियमितता की जांच की मांग उठाई
Bhamragad Bridge Construction Dispute: भामरागड़ में पर्लकोटा नदी पुलिया का पहुंच मार्ग बदलने को लेकर व्यापारियों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
- Written By: केतकी मोडक
भामरागड़ के व्यापारि तहसीलदार किशोर बागडे से मुलाकात में। (सोर्स - फोटो नवभारत)
Bhamragad Parlkota River Bridge Construction Irregularities: नक्ल प्रभावित और सुदूरवर्ती भामरागड़ इलाके में बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों के बीच एक नया प्रशासनिक और व्यावहारिक विवाद खड़ा हो गया है। भामरागड़ की जीवनरेखा मानी जाने वाली पर्लकोटा नदी पर चल रहे नए पुलिया के निर्माणकार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता और हेरफेर होने का गंभीर आरोप स्थानीय व्यापारी वर्ग ने लगाया है।
इस संदर्भ में भामरागड़ के मुख्य बाजारपेठ के पीड़ित व्यापारियों के एक बड़े शिष्टमंडल ने भामरागड़ के तहसीलदार किशोर बागडे से मुलाकात की और उन्हें एक विस्तृत मांग पत्र सौंपकर इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच करने की गुहार लगाई है।
सड़क बदलने का आरोप
भामरागड़ तालुका के तहसीलदार किशोर बागडे को सौंपे गए ज्ञापन में आंदोलनकारी व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि पर्लकोटा नदी पर निर्माण किए जा रहे नए पुलिया के कारण वर्तमान में भामरागड़ मुख्यालय के बाएं छोर पर स्थित मुख्य बाजारपेठ के अनेक छोटे-बड़े व्यापारियों का भारी नुकसान हो रहा है। शुरुआत में प्रशासन द्वारा की गई पहली सरकारी गिनती के अनुसार, जो व्यापारी इस परियोजना से बाधित हो रहे थे, उन्होंने विकास कार्य में बाधा न बनते हुए प्रशासन की वैकल्पिक व्यवस्था को सहर्ष स्वीकार कर लिया था।
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लेकिन अब खेल बदला जा रहा है। व्यापारियों का सीधा आरोप है कि इलाके के कुछ गिने-चुने प्रभावशाली और राजनीतिक रूप से मजबूत व्यापारियों के निजी हितों को साधने के लिए पुलिया के मुख्य ‘पोहोच मार्ग’ (अप्रोच रोड) और मुख्य सड़क की तय दिशा को जबरन बदलने का प्रयास पर्दे के पीछे से शुरू कर दिया गया है। इसके लिए नियम विरुद्ध जाकर नए सिरे से दोबारा गिनती कराई जा रही है और सड़क को जानबूझकर दूसरी तरफ मोड़ने का प्रयास हो रहा है।
भारी वित्तीय नुकसान का डर
व्यापारियों ने अपनी चिंता साझा करते हुए कहा कि यदि रसूखदारों के दबाव में आकर अप्रोच रोड का नक्शा बदला गया और सड़क को दूसरी तरफ डायवर्ट किया गया, तो पुलिया के सामने के छोर पर बरसों से अपनी दुकानें चला रहे स्थानीय काश्तकारों और मध्यमवर्गीय व्यापारियों का व्यापक वित्तीय नुकसान होने की पूरी संभावना है।
व्यापारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उनका पुलिया के निर्माण को लेकर कोई विरोध नहीं है और वे क्षेत्र के विकास के पक्ष में हैं। लेकिन प्रशासन को किसी भी राजनीतिक या आर्थिक दबाव में न आते हुए, पहले की गई शुरुआती गिनती को ही कायम रखना चाहिए और बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष रूप से पुलिया का काम आगे बढ़ाना चाहिए।
शिष्टमंडल में शामिल रहे भामरागड़ के प्रमुख व्यावसायिक चेहरे
इस गंभीर संवेदनशील मामले की विस्तृत जांच कर स्थानीय दुकानदारों को न्याय देने की मांग को लेकर जब ज्ञापन सौंपा गया, तब भामरागड़ व्यापार जगत के कई प्रमुख चेहरे वहां मौजूद थे।
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इस अवसर पर मुख्य रूप से आदिवासी सेवक सबरबेग मोगल, मृत्युंजय सरकार, सलीम शेख, दस्तगीर खान पठान, तहीमदुल हसन, रवी कोंडापर्तीवार, आसिफ सूफी, शकील शेख, उत्पल हलदार, सुजीत डे तथा राजकुमार समेत क्षेत्र के दर्जनों प्रतिष्ठित व्यापारी और नागरिक अपनी एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए उपस्थित थे। व्यापारियों ने चेताया है कि यदि उनके साथ न्याय नहीं हुआ तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन तेज करेंगे।
