15 दिन में 3 मौत…गड़चिरोली में चक्काजाम, बाघ बंदोबस्त की मांग पर घंटों तक हाईवे किया जाम
Gadchiroli Protest: आरमोरी में जंगली हाथी और आदमखोर बाघ का आतंक बढ़ा; 3 महिलाओं की मौत और धान फसल तबाह। देऊलगांव में किसानों का हाईवे पर चक्काजाम, सरकार पर नाराज़गी।
- Written By: प्रिया जैस
गड़चिरोली में चक्काजाम (सौजन्य-नवभारत)
Gadchiroli News: पिछले अनेक दिनों आरमोरी तहसील के देऊलगांव, इंजेवारी, आकापुर, सूर्यडोंगरी, डोंगरसावंगी आदि गांवों में धान फसल जंगली हाथियों ने तबाह कर दी है। जिसके कारण किसानों को नुकसान का सामना करना पड़ा। अब इसी परिसर में बाघ की दहशत निर्माण होकर आदमखोर बाघ के हमले में 15 दिनों की अवधि में तीन महिलाओं की मृत्यु हो गयी है।
जिसमें देऊलगांव की 2 और इंजेवारी गांव की एक महिला का समावेश है। इन घटनाओं से परिसर के नागरिकों में तीव्र रोष व्याप्त है। धान फसलों को क्षति पहुंचाने वाले जंगली हाथी और लोगों की जान लेने वाले आदमखोर बाघ का बंदोबस्त करने की मांग को लेकर शनिवार को परिसर के किसान, नागरिक और सर्वदलीय पदाधिकारी एकजुट होकर गड़चिरोली-आरमोरी स्थित देऊलगांव में नेशनल हाईवे पर चक्काजाम आंदोलन किया।
इस आंदोलन में आरमोरी विस क्षेत्र के विधायक रामदास मसराम, प्रहार के जिलाध्यक्ष निखिल धार्मिक, कम्युनिस्ट पार्टी के अमोल मारकवार, कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष दिलीप घोडाम, समाजसेवी कडून सहारे और विभिन्न दलों के पदाधिकारी समेत देऊलगांव, आकापुर, डोंगरसावंगी, इंजेवारी, के नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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सरकार और वन अधिकारियों पर तीव्र नाराजगी
आंदोलनकर्ताओं ने कहां कि पिछले कुछ दिनों से इस क्षेत्र में बाघ लोगों की जान ले रहा है। वहीं दूसरी ओर जंगली हाथी धान फसलों को नुकसान पहुंचा रहे है। इस क्षेत्र में इतनी गंभीर समस्या निर्माण होने के बाद भी सरकार और वनविभाग द्वारा किसी भी तरह की उपाययोजना नहीं की जा रही है।
जिससे आंदोलनकर्ताओं ने सरकार और वनविभाग के प्रति तीव्र रोष व्यक्त किया। वहीं आदमखोर बाघ का तत्काल बंदोबस्त करने, मृतकों के परिजनों को तत्काल वित्तीय सहायता करने, नुकसानग्रस्त किसानों को प्रति माह 10 हजार रूपये देने आदि समेत विभिन्न मांगें की गई।
निधि हड़पने का आरोप
पिछले कुछ वर्षों से जिले में ओडिसा राज्य से आए जंगली हाथी विचरण कर धान फसलों को नुकसान पहुंचा रहे है। वहीं अब तक जंगली हाथियों के हमले में 10 से अधिक लोगों की जान गयी है। हाथियों के उत्पात के चलते किसान वर्ग पूरी तरह चिंता में डूब गया है।
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वहीं दूसरी ओर बाघ के हमले बढ़ने के कारण अनेक किसानों ने खेतीकार्य करना छोड़ दिया है। हाथियों पर नियंत्रण रखने के लिए और बाघ का बंदोबस्त करने के लिये वनविभाग को बड़े पैमाने पर निधि मिलती है। यह निधि सुविधा अनुसार हड़प करने का आरोप आंदोलनकर्ता और किसानों लगाया है।
गड़चिरोली-नागपुर मार्ग की घंटों तक यातायात बंद
जंगली हाथी और आदमखोर बाघ का बंदोबस्त करने की प्रमुख मांग को लेकर शनिवार को आरमोरी-गड़चिरोली मार्ग पर स्थित देलऊगांव में विधायक रामदास मसराम के नेतृत्व में सर्वदलीयों ने चक्काजाम आंदोलन किया। आंदोलन के चलते गड़चिरोली-नागपुर मार्ग की यातायात घंटों तक प्रभावित हो गयी थी। वहीं मार्ग के दोनों छोर पर वाहनों की कतारें लग गई हैं। जिसका खामियाजा यात्री और वाहनधारकों को भुगतना पड़ा।
