Gadchiroli: 15 करोड़ की लागत से बना पुल 5 वर्ष में जर्जर, लोगों की शिकायतों के बाद भी नहीं उठाए ठोस कदम
Gadchiroli Bridge Damaged After Five Years: गड़चिरोली के अहेरी में 15 करोड़ का पुल पांच साल में ही जर्जर हो गया। अप्रोच सड़क धंसने से ग्रामीणों ने जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
- Written By: अनन्या तिवारी
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स-AI)
15 crore Gadchiroli Bridge Damaged Within Five Years Of Construction: आकांक्षी जिलों की सूची में शामिल गड़चिरोली जिले के विकास कार्यों के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर निधि उपलब्ध कराई जा रही है। इसके बावजूद निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगने लगे हैं। इसका ताजा उदाहरण अहेरी तहसील के गढ़अहेरी नाले पर निर्मित पुल है, जो निर्माण के मात्र पांच वर्ष बाद ही जर्जर अवस्था में पहुंच गया है।
पांच साल में ही जर्जर हुआ 15 करोड़ का पुल
वर्ष 2021 में लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से गढ़अहेरी नाले पर इस पुल का निर्माण कराया गया था। पुल बनने से देवलमारी, चेरपल्ली, गढ़बामणी, व्यंकटरावपेठा, इंदराम और व्यंकटापुर सहित आसपास के 20 से अधिक गांवों के लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिली थी।
इससे पहले यहां ब्रिटिशकालीन कम ऊंचाई वाला पुल था, जिसके कारण प्रत्येक वर्ष वर्षा ऋतु में ग्रामीणों का संपर्क तहसील एवं जिला मुख्यालय से कट जाता था। ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने नए पुल के निर्माण को मंजूरी दे दी थी जिसके लिए 15 करोड़ रुपये की निधि स्वीकृत की थी। पुल बनने के बाद क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन अब निर्माण के केवल पांच वर्ष के भीतर ही इसकी स्थिति चिंताजनक हो गई है।
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कई शिकायतों के बावजूद कोइ कार्रवाई नहीं
पुल के दोनों ओर की अप्रोच सड़क धंस गई है, जिससे वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सड़क पर वर्षा का पानी जमा होने से दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई, जिसके कारण पुल और अप्रोच सड़क इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में कई बार लोक निर्माण विभाग (PWD) को शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषी ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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रिपोर्ट प्राप्त होते ही की जाएगी कार्रवाई
कार्यकारी अभियंता नीता ठाकरे ने कहा कि मामले की जानकारी प्राप्त हुई है और यह गंभीर विषय है। उन्होंने बताया कि उप अभियंता को मौके पर भेजकर निरीक्षण करने तथा विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं और रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
