

Gadchiroli Rice Smuggling: तेलंगाना के सरकारी राशन दुकानों से गरीबों के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले चावल को महाराष्ट्र में लाकर कथित रूप से अवैध तरीके से बेचने का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। नागरिकों का आरोप है कि तेलंगाना का कथित कुख्यात चावल तस्कर 'विरेन' सिरोंचा सीमा क्षेत्र में फिर सक्रिय हो गया है।
सिरोंचा आसरअल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे पिछले 10 से 12 वर्षों से इस तरह का अवैध कारोबार चलने की शिकायतें की जा रही हैं। तहसील कार्यालय से महज 4 किलोमीटर की दूरी पर यह गतिविधियां चलने के बावजूद प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है।
बताया जाता है कि तेलंगाना से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में चावल ऑटो, पिकअप, ट्रक, ट्रैक्टर सहित विभिन्न वाहनों से सिरोंचा लाया जाता है। बाजार में बारीक चावल की अधिक मांग होने के कारण हाल के दिनों में इस कारोबार को कथित रूप से और बढ़ावा मिलने की चर्चा है।
आरोप है कि सिरोंचा स्थित कथित अवैध भंडारण केंद्र में चावल को अलग-अलग बोरियों में भरकर नए ब्रांड के नाम से गोंदिया, भंडारा, चंद्रपुर और यवतमाल जिलों में भेजा जाता है। इससे सरकारी राशन व्यवस्था के चावल की अवैध बिक्री और उसके स्त्रोत को छिपाने को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
इस कथित कारोबार का प्रमुख केंद्र सिरोंचा आसरअल्ली मार्ग पर सर्वे नंबर 71 की वनभूमि में होने का आरोप है। यहां टीन के शेड, गोदाम, मजदूरों के लिए कमरे तथा अन्य निर्माण किए जाने की बात नागरिकों ने कही है। इस पूरे अवैध कारोबार का मुख्य संचालक 'विरेन' होने का आरोप लगाया गया है। नागरिकों के अनुसार, वह अपने साथियों के साथ गोदाम परिसर में रहता है। पिछले कई वर्षों से यह गतिविधि जारी होने के बावजूद कार्रवाई के अधिकार क्षेत्र को लेकर विभिन्न विभागों में कथित रूप से असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
पार्षद सतीश राचर्लावार ने मांग की है कि राजस्व, वन, आपूर्ति, कृषि उपज बाजार समिति तथा परिवहन विभाग का संयुक्त दल गठित कर पूरे मामले की जांच की जाए। सर्वे नंबर 71 की वनभूमि का निरीक्षण कर यदि अतिक्रमण पाया जाता है तो तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही तेलंगाना से महाराष्ट्र में आने वाले प्रत्येक चावल एवं अनाज परिवहन वाहन के दस्तावेज, एनओसी और माल के स्रोत की सख्ती से जांच की जाए। नागरिकों ने भी मांग की है कि सरकारी राशन के चावल की कथित तस्करी और अवैध बिक्री के इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।