(फाइल फोटो)
मुंबई : दीपावली का पर्व इस बार फूलों का व्यापार करने वालों के लिए खुशियां लेकर आया है। गुरुवार को दीपावली पर्व को लेकर फूलों का बाजार सजा रहा। दीपोत्सव पर फूलों की कीमत में दो से तीन गुना तक का उछाल आने से फूल व्यापारियों ने दिनभर जमकर चांदी काटी। दिवाली से पहले 40 रुपए किलो बिकने वाला गेंदा फूल 100 रुपए किलो के भाव पर बिका। वहीं, कमल का फूल 60 से 80 रुपए प्रति पीस बिका।
अच्छी बिक्री होने से फूल विक्रेताओं के चेहरे खिल गए। दिवाली के दिन को लेकर कंफ्यूजन होने के कारण कल भी दिवाली मनाई जानी है जिसे लेकर फूल व्यापारी काफी उत्साहित हैं। उन्हें 1 नवंबर को भी अच्छी कमाई होने की उम्मीद है। दादर फूल बाजार में गेंदा, कमल और गुलाब के फूलों की डिमांड ज्यादा होने के कारण ये महंगे दामों पर बिके। लक्ष्मी पूजन और घरों को सजाने के लिए लोगों ने जमकर फूल खरीदे।
दिवाली पर लोग अपने घर, दुकान आदि को सजाने के लिए फूलों का प्रयोग करते हैं। घर के द्वार पर फूलों और अशोक के पत्तों से बनी लड़ी से भी सजावट की जाती है। इसलिए सजावट के लिए फूलों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में बाजार में फूलों के दाम तीन गुना तक बढ़ गए। गुरुवार को शहर के बाजारों में छोटा गेंदा 100 रुपए प्रति किलो व बड़ा गेंदा 150 रुपए किलो तक बिका। देवी लक्ष्मी जी का सबसे प्रिय फूल कमल का एक पीस 60 से लेकर 80 रुपए तक बिका। सफेद रंग के फूलों की कीमत भी 200 रुपए प्रति किलो हो गई। एक फूल विक्रेता करन सैनी ने बताया कि हाल में हुई बारिश से फूलों की खेती को काफी नुकसान हुआ था, जिससे थोक व खुदरा कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है।
दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज पर भी फूलों की मांग बनी रहेगी। इसे देखते हुए किसान अपने खेत में तैयार फूलों को बाजार में उपलब्ध करा रहे हैं। अच्छे भाव मिलने से किसानों के चेहरे भी खिले हुए हैं।
एक दुकानदार नीलम सैनी ने बताया कि दीपावली और उसके बाद नवंबर और दिसंबर महीने में अत्यधिक शादियां होने से आगे भी बेहतर कारोबार की उम्मीद है। आगामी दिनों में वैवाहिक आयोजनों के चलते फूलों के भावों के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। फूल बाजार में चल रहे भाव के अनुसार गेंदा का फूल 100 -150 रुपए, हजारा फूल ऑरेंज कलर 120-140 रुपए, नींबू कलर हजारा120-160 रुपए, कमल का फूल 60-80 रुपए प्रति पीस, गुलाब का फूल 20 से 35 रुपए प्रति पीस, टाटा रोज 200 से 250 रुपए तक प्रति किलो था। इसके साथ ही लक्ष्मी पूजन में उपयोग किए जाने वाले सीताफल की भी जमकर बिक्री हुई। इसके अलावा गन्ने, सिंघाड़े और केले की बिक्री में वृद्धि देखने को मिली।