SKNL बैंक फ्रॉड केस में ED का बड़ा एक्शन, रायगढ़ में 60 करोड़ की संपत्ति जब्त; क्या है पूरा मामला?
Bank Loan Fraud: एसकेएनएल बैंक फ्रॉड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रायगढ़ में 60 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की। जांच में इसे कथित तौर पर लोन फंड की हेराफेरी से जुड़ा पाया गया।
- Written By: करुणा नंद शाहवाल
प्रवर्तन निदेशालय (सोर्स- सोशल मीडिया)
ED Raigad Property Attachment: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में एक प्रमुख प्रॉपर्टी को अस्थायी रूप से जब्त किया है, जिसकी कीमत 60 करोड़ रुपए से ज्यादा है। बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ईडी के इंदौर जोनल ऑफिस ने ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ (PMLA) के तहत एस. कुमार्स नेशनवाइड लिमिटेड (एसकेएनएल) से जुड़े कथित 1,400 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड की चल रही जांच के हिस्से के तौर पर यह अटैचमेंट की।
रायगढ़ जिले के मुरुड में अलीबाग के पास स्थित यह प्रॉपर्टी कथित तौर पर एसकेएनएल द्वारा बैंकों के एक ग्रुप से लिए गए लोन से हेराफेरी करके हासिल किए गए फंड से खरीदी गई थी।
लोन हेराफेरी कर खरीदी गई संपत्ति, जांच में हुआ खुलासा
एजेंसी के अनुसार, जांच में पता चला है कि एसकेएनएल के पूर्व चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर नितिन शंभुकुमार कासलीवाल ने कथित तौर पर अपने और अपने परिवार के सदस्यों के कंट्रोल वाली आपस में जुड़ी कंपनियों और ग्रुप कंपनियों के एक जटिल नेटवर्क के जरिए लोन के फंड को दूसरी जगह भेजा और कई लेयर्स में घुमाया।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का आरोप है कि जब एसकेएनएल बैंकों के एक ग्रुप से बड़ी क्रेडिट सुविधाएं ले रही थी, तब उधार लिए गए फंड का एक बड़ा हिस्सा वैध व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करने के बजाय धोखाधड़ी से संबंधित कंपनियों के जरिए दूसरी जगह भेज दिया गया।
समुद्र किनारे की प्रॉपर्टी को किया अटैच
इन फंड्स को बाद में उनके स्रोत और मालिकाना हक को छिपाने के लिए कई लेयर्स वाले ट्रांजैक्शन के जरिए घुमाया गया। जांचकर्ताओं ने पाया कि कथित तौर पर दूसरी जगह भेजे गए पैसे का एक हिस्सा आखिरकार मुरुड में समुद्र के किनारे स्थित अचल संपत्ति (इमूवेबल प्रॉपर्टी) खरीदने में इस्तेमाल किया गया।
एजेंसी ने इस संपत्ति की पहचान कथित बैंक फ्रॉड से हुई अपराध की कमाई से सीधे जुड़े होने के तौर पर की है और अवैध फंड से हासिल संपत्तियों को रिकवर करने की कोशिशों के तहत अटैच किया है।
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लंदन समेत अब तक 179.55 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त
यह ताजा अटैचमेंट ईडी की ओर से 23 दिसंबर 2025 को की गई व्यापक तलाशी के कुछ महीनों बाद हुई है। उन तलाशी अभियानों के दौरान, एजेंसी ने विदेशी ट्रस्टों और कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर के जरिए कथित तौर पर रखी गई विदेशी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज और सबूत बरामद किए थे।
तलाशी के दौरान जब्त की गई सामग्री के आधार पर ईडी ने पहले लंदन में बकिंघम पैलेस के पास एक महंगी प्रॉपर्टी अटैच की थी, जिसकी कीमत लगभग 119.55 करोड़ रुपए आंकी गई थी। इस मामले में अब तक कुल अटैचमेंट 179.55 करोड़ रुपए का हो गया है।
