मनपा शिक्षण मंडल ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Dhule Teaching Learning Material Innovation: धुले दिव्यांग विद्यार्थियों की शिक्षा को सरल और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से समग्र शिक्षा व मनपा शिक्षण मंडल के अंतर्गत विशेष ‘टीएलएम’ (शैक्षणिक सामग्री) कार्यशाला का आयोजन महानगरपालिका हाईस्कूल में किया गया। कार्यशाला में विशेष शिक्षकों ने दिव्यांग विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुसार नवाचारी शैक्षणिक सामग्री तैयार कर समावेशी शिक्षा की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया।
यह पहल मनपा आयुक्त नितिन कापडणीस की संकल्पना तथा अतिरिक्त आयुक्त करुणा डहाले के मार्गदर्शन में साकार हुई, प्रशासन अधिकारी विश्वंभर दासरवाड ने कहा कि प्रत्येक दिव्यांग विद्यार्थी की सीखने की क्षमता और आवश्यकता अलग होती है। इसलिए शिक्षकों को अध्यापन पद्धति में लचीलापन लाकर उपयुक्त सामग्री का उपयोग करना चाहिए।
कार्यशाला में सहायक कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्रसिंह सिसोदिया ने दैनिक उपयोग की वस्तुओं से कम लागत में गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सामग्री तैयार करने की विधि समझाई।
केवल सैद्धांतिक चर्चा तक सीमित न रहते हुए शिक्षकों ने समूह बनाकर स्पर्श, ध्वनि और दृश्य आधारित सामग्री तैयार की तथा उसका प्रस्तुतीकरण भी किया।
कम खर्च में तैयार की गई प्रभावी शैक्षणिक सामग्री।
नितिन कापडणीस की संकल्पना से मिली शिक्षा को नई दिशा।
शहर की मनपा स्कूलों के विशेष शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता दर्ज की। समन्वयक गोपाल पवार के प्रयासों से आयोजित इस कार्यशाला से कक्षा में दिव्यांग विद्यार्थियों का शिक्षण अधिक परिणामकारक और आनंददायी होने की उम्मीद जताई गई। इस अवसर पर शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए मॉडल्स की अधिकारियों ने सराहना की।
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उद्देश्य: दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सरल और सुलभशिक्षण व्यवस्था।
सामग्री: स्पर्श ध्वनि और दृश्य आधारित टीएलएम।
लागतः शून्य या बहुत कम लागत वाली वस्तुओं का पुनर्चक्रण।
दृष्टिकोण: समावेशी शिक्षा को धरातल पर उतारना।