maharashtra double murder case verdict ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Maharashtra Double Murder Case Verdict: धुले जिले के बहुचर्चित देवपुर पिता-पुत्र डबल मर्डर केस में जिला सत्र न्यायालय ने सोमवार को अहम फैसला सुनाते हुए मुख्प साजिशकर्ता बाजीराव उर्फ सुभाष सजन पवार सहित 11 आरोपियों को हत्या के मामले में दोषी ठहराया है।
अब दोषियों को सजा क्या दी जाएगी, इस पर अदालत 11 मार्च को सुनवाई करेगी। यह सनसनीखेज वारदात 8 जून 2018 को देवपुर इलाके में हुई थी। पुरानी रंजिश के चलते रावसाहेब पाटील और उनके बेटे वैभव पाटील की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
पुलिस जांच में बाजीराव पवार को इस पूरे हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया था। 13 संदिग्धों के खिलाफ देवपुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।
जिला सत्र न्यायाधीश जयश्री पुलाटे की अदालत में ठोस सबूतों और गवाहों के आधार पर बाजीराव पवार, भूपेश पाटील, हर्षल पाटील सहित 11 को हत्या का दोषी माना गया। आरोपी संदीप उर्फ विक्की वेलीस को फरार आरोपियों की मदद करने का दोषी पाया गया, जबकि वैभव उर्फ सोनू पवार को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।
फैसला सुनाए जाते समय अदालत परिसर में भारी भीड़ और तनाव का माहौल था। जैसे ही फैसला आया, दोषियों के परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं, मृतक पाटील परिवार के सदस्यों की आंखों में संतोष के आंसू थे कि आखिरकार आठ साल बाद उनके साथ न्याय हुआ है।
मुख्य दोषी: बाजीराव पवार (मास्टरमाइंड), भूपेश पाटील, हर्षल पाटील, जयराज पाटील, ऋषिकेश पाटील, दर्शन परदेशी, भगवान अहिरे, अर्जुन अहिरे, गौरव पवार, भूषण कायकर और भूषण पगारे, सहयोगी दोषी: संदीप उर्फ विक्की बेलीस (मदद करने का आरोप), बरी आरोपी वैभव उर्फ सोनू पवार।
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हमने अदालत के सामने सभी तकनीकी साक्ष्य और चश्मदीद गवाहों को मजबूती से पेश किया। यह एक सुनियोजित हत्याकांड था और मास्टरमाइंड बाजीराव पवार सहित 11 लोगों का दोष सिद्ध होना कानून की बड़ी जीत है। अब हमारा प्रयास होगा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
-धुले, जिला सरकारी वकील, एड. देवेंद्रसिंह तवर