देशभर के छात्रों के लिए मौका, नागपुर यूनिवर्सिटी में CUET-PG से प्रवेश; 29 PG कोर्स राष्ट्रीय स्तर से जुड़े
Nagpur University: नागपुर विश्वविद्यालय ने सीयूईटी-पीजी 2026 के माध्यम से 29 स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू की है, जिससे देशभर के विद्यार्थियों को अवसर मिलेगा।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर विश्वविद्यालय, सीयूईटी-पीजी, प्रवेश प्रक्रिया,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur University CUET PG 2026 Admissions: नागपुर राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय ने अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उपकुलपति डॉ। मनाली क्षीरसागर, प्र-उपकुलपति डॉ। अखिलेश पेशवे के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी-पीजी)-2026 के माध्यम से स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई है। उपकुलपति के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ ने एनटीए के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रोग्राम-टेस्ट पेपर मैपिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली है।
विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर विभागों द्वारा संचालित कुल 29 स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों को सीयूईटी से जोड़ा गया है। इससे देशभर के इच्छुक विद्यार्थियों को एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के माध्यम से विश्वविद्यालय के विभिन्न शैक्षणिक विभागों में प्रवेश लेने का अवसर प्राप्त होगा। इस निर्णय का उद्देश्य विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा बढ़ाना, मेधावी विद्यार्थियों को आकर्षित करना, उपलब्ध सीटों का प्रभावी उपयोग
सुनिश्चित करना तथा स्नातकोत्तर प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता, सरलता और समावेशिता को बढ़ावा देना है।
20 फीसदी विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए
सीयूईटी के माध्यम से प्रवेश को प्रोत्साहित करने के लिए विश्वविद्यालय ने संबंधित पाठ्यक्रमों में सीटें आरक्षित की हैं। स्वीकृत प्रवेश क्षमता की 20 प्रतिशत सीटें उन सीयूईटी उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए आरक्षित रहेंगी जिन्होंने राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के अलावा अन्य विश्वविद्यालयों से स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। इस प्रकार संबंधित स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में कुल 40 प्रतिशत सीटें सीयूईटी के माध्यम से प्रवेश के लिए उपलब्ध होंगी।
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अधिक अवसर प्राप्त होंगे
इससे पात्र विद्यार्थियों को अधिक अवसर प्राप्त होंगे तथा विश्वविद्यालय में शैक्षणिक विविधता को भी बढ़ावा मिलेगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन का नागपुर मानना है कि इस दूरदर्शी पहल से विवि की राष्ट्रीय पहचान और मजबूत होगी, उपलब्ध सीटों का बेहतर उपयोग होगा तथा मध्य भारत में गुणवत्तापूर्ण स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए नए अवसर उपलब्ध होंगे।
आईक्यूएसी के निदेशक डॉ। एनएन करडे ने बताया कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शैक्षणिक सुधारों और सर्वोत्तम शैक्षणिक प्रक्रियाओं के अनुरूप उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता, सुगमता और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
