ठाणे में सेल्फ जनगणना को नहीं मिला अपेक्षित रिस्पॉन्स, सिर्फ 1.10 लाख लोगों ने भरी ऑनलाइन जानकारी
Thane Self Census: देश में पहली बार शुरू की गई सेल्फ जनगणना सुविधा को ठाणे जिले में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। 1 मई से 16 मई के बीच केवल 1.10 लाख लोगों ने ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज की है।
- Written By: अपूर्वा नायक
ठाणे सेल्फ सेंसस रिस्पॉन्स (सौ. सोशल मीडिया )
Thane Self Census Response News: देशभर में चल रही जनगणना की प्रक्रिया में पहली बार लोगों को ‘खुद से गिनती’ का ऑप्शन दिया गया था। लोगों को 1 मई से 16 मई तक अपनी और अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन भरनी थी, लेकिन, ठाणे जिले में इस सुविधा को उम्मीद के मुताबिक रिस्पॉन्स नहीं मिला और सिर्फ लगभग 1 लाख 10 हजार लोगों ने ही खुद से गिनती करने के ऑप्शन का इस्तेमाल किया।
जिले की आबादी और शहरी फैलाव को देखते हुए यह आंकड़ा बहुत कम है। केंद्र सरकार ने डिजिटल इंडिया कैंपेन के तहत इस साल की जनगणना में बड़े पैमाने पर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने का फैसला किया है।
जनगणना पोर्टल पर जानकारी भरने की सुविधा
इसी के तहत ‘खुद से गिनती की सुविधा शुरू की गई, ताकि लोग मोवाइल फोन, कंप्यूटर या टैब के जरिए सीधे जनगणना पोर्टल पर अपनी जानकारी भर सकें। प्रशासन का मकसद था कि इस प्रोसेस से लोगों को जनगणना कर्मचारियों के घर आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और खुद जानकारी भरने से एक्यूरेसी बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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सेल्फ-सेंसस एक ऐसा प्रोसेस था जिसमें लोग अपनी जानकारी पूरी तरह से डिजिटल तरीके से सरकार को देते थे। इसमें लोग परिवार के सदस्यों की संख्या, पढ़ाई, काम, माइग्रेशन, घर की हालत, मौजूद सुविधाएं, सोशल और फाइनेंशियल जानकारी जैसी कई डिटेल्स खुद भर सकते थे। हर परिवार को अलग ओटीपी-बेस्ड लॉगिन की सुविधा दी गई थी। इससे जानकारी सुरक्षित रहती थी और सीधे सरकारी सिस्टम में रिकॉर्ड हो जाती थी।
स्व जनगणना में दिखा जागरूकता का अभाव
हालांकि, यह देखा गया है कि ठाणे जिले में इस सुविधा के बारे में काफी जागरूकता नहीं फैलाई गई है। कई लोगों को यह प्रोसेस करना नहीं आता था, जबकि कुछ को ऑनलाइन जानकारी भरते समय टेक्निकल दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कहा जाता है कि रिस्पॉन्स कम था। क्योंकि कुछ लोगों ने जानकारी की कॉन्फिडेंशियल्टी और इस्तेमाल को लेकर शक भी जताया था। खास बात यह है कि ठाणे जिले को राज्य के सबसे तेजी से बड़ते जिलों में से एक माना जाता है।
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शहरीकरण, माइग्रेशन और बड़े पैमाने पर आबादी बढ़ने की वजह से, यहां सही जनगणना बहुत जरूरी है। भविष्य के विकास प्लान, इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ, एजुकेशन, ट्रांसपोर्टेशन, पानी की सप्लाई और सरकारी योजनाओं की प्लानिंग काफी हद तक जनगणना के डेटा पर ही आधारित होती है। इसलिए, हर नागरिक का सही रिकॉर्ड रखना जरूरी माना जाता है।
