

Nagpur University Semiconductor Career: राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय ने बीएससी सेमीकंडक्टर कार्यक्रम का अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध उज्वल और लगातार विस्तार पा रहे करियर अवसरों पर विशेष जोर दिया है। विशेष रूप से भारत सरकार के इंडिया सेमीकंडक्टर (आईएसएम) मिशन की पृष्ठभूमि में इन अवसरों का दायरा और अधिक व्यापक हो गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने कुशल मानव संसाधन तैयार करने के उद्देश्य से बीएससी सेमीकंडक्टर मटेरियल्स एंड डिवाइसेस पाठ्यक्रम शुरू किया है।
भारत का सेमीकंडक्टर क्षेत्र वर्तमान में निर्णायक विकास के दौर में प्रवेश कर रहा है। बड़े पैमाने पर सार्वजनिक निवेश तथा नए औद्योगिक और अनुसंधान अधोसंरचना के निर्माण से इस क्षेत्र को गति मिल रही है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के माध्यम से फैब्रिकेशन सुविधाओं, डिजाइन क्षमता और उन्नत उत्पादन व्यवस्था को प्रोत्साहन देने की योजना बनाई गई है। साथ ही नवाचार, वैश्धिक सहयोग और संपूर्ण इकोसिस्टम के विकास को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इस विस्तार के कारण भौतिकी, पदार्थ विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स और उपकरण प्रौद्योगिकी में प्रशिक्षित स्नातकों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।
भौतिकी विभाग की प्राध्यापक व कार्यक्रम समन्दयक डॉ. स्मिता आचार्य ने बताया कि बीएससी सेमीकंडक्टर कार्यक्रम विद्यार्थियों को सॉलिड स्टेट फिजिक्स, इलेक्ट्रॉनिक मटेरियल्स, सेमीकंडक्टर डिवाइस कॉन्सेंट्स, नैनो टेक्नोलॉजी और कैरेक्टराइजेशन तकनीकों का मजबूत आधार प्रदान करता है यह प्रशिक्षण भारत के उभरते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम की आदायकताओं के आनुरूप है।
इस क्षेत्र में केवल फैब्रिकेशन यूनिट्स ही नहीं बल्कि टेस्टिंग, प्रोसेस कंट्रोल, क्वालिटी एश्योरेंस क्लीनरूम ऑपरेशंस सिम्युलेशन, मेट्रोलॉजी और निसर्थ लैब्स में भी प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता है। ऐसे में इस पाठ्यक्रम के विद्यार्थी सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में औद्योगिक उत्पादन के साथ-साथ नवाचार आधारित विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे।