
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Chandrapur Tiger Death News: महाराष्ट्र के मशहूर ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व (TATR) के बफर जोन में रविवार की सुबह एक दिल दहला देने वाला दृश्य देखने को मिला। पायली भटाली परिसर के चिंचोली गांव के पास बहने वाली इरई नदी में एक पूर्ण विकसित बाघ का शव बरामद हुआ है। इस घटना ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, चिंचोली गांव के ग्रामीणों ने सबसे पहले नदी के पानी में बाघ के शव को उतराते हुए देखा। इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई। वन परिक्षेत्र अधिकारी (RFO) वारेपुर अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद शव को पानी से बाहर निकाला। प्राथमिक जांच के अनुसार, बाघ की मौत लगभग दो से तीन दिन पहले हुई है। शव के सड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी, जिससे यह स्पष्ट है कि मौत कुछ समय पहले हो चुकी थी।
इस घटना ने चिंचोली गांव के पुराने जख्मों को फिर से हरा कर दिया है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष इसी गांव के 65 वर्षीय निवासी गेडाम नामक व्यक्ति को एक बाघ ने अपना शिकार बनाया था। उस समय वन विभाग की टीम के देर से पहुंचने पर ग्रामीणों ने भारी आक्रोश व्यक्त किया था। अब उसी इलाके में बाघ का शव मिलने से कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। क्या यह केवल एक प्राकृतिक मौत है, या मानव-वन्यजीव संघर्ष (Man-Animal Conflict) के चलते किसी ने जानबूझकर इसे अंजाम दिया है?
चिंचोली और आसपास के गांवों में बाघों की आवाजाही अक्सर देखी जाती रही है। पिछले साल की घटना के बाद से ही ग्रामीणों और वन विभाग के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी। वन विभाग अब इस मामले की हर एंगल से जांच कर रहा है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि बाघ के शरीर पर किसी चोट के निशान हैं या नहीं, या फिर उसे जहर तो नहीं दिया गया।
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बाघ के शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी और वैज्ञानिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा। तब तक इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और वन रक्षक गश्त कर रहे हैं।
ताडोबा जैसे सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्र में बाघ की मौत वन प्रेमियों के लिए बड़ी चिंता का विषय है। यदि यह शिकार या बदले की भावना से की गई हत्या साबित होती है, तो यह वन्यजीव संरक्षण के लिए एक बड़ा झटका होगा। प्रशासन ने ग्रामीणों से शांत रहने और जांच में सहयोग करने की अपील की है।






