चंद्रपुर झरपट नदी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Chandrapur River Pollution: चंद्रपुर शहर की पर्यावरणीय, धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान से जुड़ी झरपट नदी के पुनरुद्धार का मुद्दा आज विधानसभा में जोरदार तरीके से उठाया गया। शहर के नागरिकों की ओर से प्रस्तुत महत्वपूर्ण निवेदन पत्र को विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने महाराष्ट्र विधानसभा में आधिकारिक रूप से पेश किया। चंद्रपुर एक ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं से समृद्ध नगरी है, जिसमें झरपट नदी को शहर की जीवनरेखा माना जाता है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से नदी की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। नदी का पात्र संकरा होना, भारी मात्रा में गाद जमा होना, बढ़ते अतिक्रमण तथा सीवेज और कचरे के कारण पानी का प्रदूषण- इन समस्याओं ने नदी के अस्तित्व को संकट में डाल दिया है। इसके चलते शहर का पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ रहा है और बारिश के दौरान बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है।
धार्मिक स्थलों पर रहता है जमावड़ा झरपट नदी के किनारे स्थित श्रद्धास्थल श्रीअंचलेश्वर मंदिर और महाकाली मंदिर चंद्रपुर में हर वर्ष हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। लेकिन नदी की प्रदूषित और गंदी स्थिति के कारण इन पवित्र स्थलों की पवित्रता प्रभावित हो रही है, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं। इसका असर धार्मिक पर्यटन पर भी पड़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, झरपट नदी का शीघ्र पुनरुद्धार होने से चंद्रपुर शहर के पर्यावरणीय संतुलन में सुधार होगा, भूजल स्तर बढ़ेगा, बाढ़ की स्थिति पर नियंत्रण मिलेगा, शहर की सुंदरता में वृद्धि होगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही नागरिकों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध हो सकेगा। इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने पहले भी तारांकित प्रश्न, अतारांकित प्रश्न और कटौती प्रस्ताव जैसे संसदीय माध्यमों से सरकार का ध्यान आकर्षित किया था। अपेक्षित कार्रवाई न होने पर उन्होंने इस बार विधानसभा की विनंती अर्ज समिति के समक्ष यह मामला उठाया है।
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सदन में निवेदन प्रस्तुत करते हुए उन्होंने झरपट नदी की स्थिति और उससे जुड़ी जनभावनाओं को प्रभावी ढंग से रखा। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने निवेदन को आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए विनती अर्ज समिति को भेजने की घोषणा की। चंद्रपुर की ऐतिहासिक धरोहर, धार्मिक स्थलों की पवित्रता और भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण से झरपट नदी का पुनरुद्धार एक अत्यंत महत्वपूर्ण और तात्कालिक विषय बताया गया। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने इरई नदी के पुनरुद्धार का मुद्दा भी इसी समिति के समक्ष उठाया था, जिससे शहर की दोनों प्रमुख नदियों के पुनर्जीवन का मार्ग प्रशस्त होता दिखाई दे रहा है।