सीटीपीएस में भरती के नाम पर ठगी, फर्जी विज्ञापन देकर फंसाने का प्रयास
- Written By: नवभारत डेस्क
फर्जी वेबसाईट से जारी किया विज्ञापन
चंद्रपुर. महानिर्मति महाराष्ट्र राज्य विद्युत निर्मिति कंपनी मर्यादि. उर्जानगर (सीटीपीएस) में डाटा आपरेटर पद की भरती के संदर्भ में एक रिजनल न्यूज पेपर में विज्ञापन देकर बेरोजगार युवाओं को ठगने की एक साजिश का पर्दाफाश हुआ है. इसकी शिकायत पुलिस में की गई है.
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प्राप्त जानकारी अनुसार डाटा आपरेटर के पद का विज्ञापन प्रकाशित होने पर आज दूसरे दिन सीटीपीएस में पात्र उम्मीदवारों ने संपर्क कर पूछताछ की तो उक्त विज्ञापन बोगस होने का पता चला. इससंदर्भ में बिजली केन्द्र ने दुर्गापुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करायी. विभागीय समाचारपत्रों में विज्ञापन देकर बेरोजगारों को ठगने का यह प्रयास उजागर हुआ है.
इस संदर्भ में प्राप्त जानकारी अनुसार थर्मल पॉवर स्टेशन उर्जानगर में महानिर्मिति महाराष्ट्र राज्य विद्युत निर्मिति कंपनी मर्यादित उर्जानगर दुर्गापुर एन्ट्री मेजर गेट चंद्रपुर में इस नाम से डाटा आपरेटर पद के लिए कुल 144 सीटें खुले प्रवर्ग एवं इसमें से 60 सीटें महिलाओं केलिए आरक्षित होने का विज्ञापन दिया गया था. ऑनलाईन पध्दति से 15से 25 अक्टूबर को आवेदन करने का आहवान किया गया था.
इस संदर्भ में अनेक उम्मीदवारों ने सीटीपीएस के अपने सूत्रों से जानकारी हासिल की और संबंधित विज्ञापन अधिकारियों को दिखाया. विज्ञापन देखकर बिजली केन्द्र के अधिकारी भी हैरान रह गए. उक्त मामला धोखाधडी का होने का पता चलते ही सीटीपीएस (एचआर) वरिष्ठ प्रबंधक दिलीप कटिया 58 ने दुर्गापुर पुलिस स्टेशन में इसकी शिकायत आज शनिवार को की.
शिकायत में कहा गया है. सीटीपीएस में नये तत्कालिक पदों की भरती के लिए सीटीपीएस द्वारा स्थानीय स्तरपर विज्ञापन देता है. इसके लिए 8 अक्टूबर को एक रिजनल समाचारपत्र में दिया गया यह विज्ञापन सीटीपीएस प्रबंधन की ओर से नहीं दिया गया है.इसके लिए किसी ने आर्थिक लाभ उठाने के लिए फेक वेबसाईट तैयार की. इस तरह से सीटीपीएस द्वारा तत्काल ध्यान दिए जाने से बेरोजगार धोखाधडी से बच पाये.
सीटीपीएस ने किया उजागर
सीटीपीएस में भरती के नाम पर फर्जी विज्ञापन दिए जाने की शिकायत दुर्गापुर पुलिस थाने में की गई. साथ ही उपमुख्य अभियंता (प्रशासन) सीटीपीस ने इस पर स्पष्टीकरण दिया है. इस तरह से समयपर कदम उठाने से हजारों बेरोजगार ठगी से बच पाये.
किसी बड़े अखबार में विज्ञापन प्रकाशित कर जिले में बेरोजगारों को ठगने की टोली के सक्रिय होने की संभावना है. दरअसल शासकीय विभाग के विज्ञापन शासन नियम अनुसार समाचारपत्रों में प्रकाशित किए जाते है. इसके लिए सबसे पहले शासकीय आदेश निकलता है. जिस विभाग का विज्ञापन है. इसके बाद विभाग को बिल भेजा जाता है बिल मंजूर होता है. इस तरह का शासकीय नियम है.
