चंद्रपुर बना मिसाल: 208 पंचायतें टीबी मुक्त, 2678 मरीजों का उपचार जारी, तेजी से घट रही बीमारी की जद
Chandrapur News: चंद्रपुर जिले में 208 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित हुई है। अब 2678 मरीजों का इलाज चल रहा है। जिला स्वास्थ्य विभाग ने लाखों लोगों की जांच कराई। साथ ही जागरूकता अभियान जारी है।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
TB Free India Campaign In Chandrapur: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अभिनव पहल टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत चंद्रपुर जिला तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिला स्वास्थ्य विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार अब तक 208 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है, जबकि वर्तमान में 2678 मरीज उपचाराधीन हैं।
टीबी मुक्त ग्राम पंचायत पहल की शुरुआत प्रधानमंत्री ने 24 मार्च 2023 को की थी। उसी वर्ष चंद्रपुर जिले की 55 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाया गया। इसके बाद 2024 में यह संख्या बढ़कर 208 तक पहुंच गई।
77,338 लोगों की जांच की गई
जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि जिले में जोखिम वाले 4,68,279 लोगों में से अब तक 77,338 लोगों की टीबी जांच की गई है। इनमें से 28,655 लोगों पर छाती का एक्स-रे किया गया, जबकि 16,711 लोगों के बलगम के नमूनों की एनएएटी पद्धति से जांच की गई। जांच के बाद सामने आए 2678 मरीजों का फिलहाल इलाज चल रहा है।
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टीबी के लक्षणों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए विभाग द्वारा लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। टीबी के प्रमुख लक्षणों में दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी या बुखार रहना, गर्दन पर गांठ, तीन महीनों में वजन कम होना, बलगम में खून आना, शाम को बुखार और रात में हाथ-पांव की हथेलियों में पसीना आना शामिल हैं।
तालुकावार क्षय रोग रोगी
- बल्लारपुर- 116
- भद्रावती- 136
- ब्रह्मपुरी- 278
- चंद्रपुर ग्रामीण- 76
- चंद्रपुर नगर निगम- 749
- चिमुर- 125
- गोंडपिपरी- 79
- जिवती- 52
- कोरपना- 109
- मूल- 166
- नागभीड़- 156
- पोंभुर्णा- 39
- राजुरा- 129
- सावली- 141
- सिन्देवाही- 149
- वरोरा- 178
- कुल 2678
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समय पर जांच और नियमित दवा से ठीक हो होती है बीमारी
डॉक्टरों का कहना है कि समय पर जांच और नियमित दवा से यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है। साथ ही, संतुलित आहार, हरी पत्तेदार सब्जियां और दालों का सेवन रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. ललित पाटले ने नागरिकों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति में टीबी के लक्षण दिखाई दें, तो वे तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में टीबी की उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं। समय पर इलाज और जागरूकता के जरिए नागरिक न सिर्फ खुद को स्वस्थ रख सकते हैं, बल्कि देश को टीबी मुक्त भारत बनाने में भी योगदान दे सकते हैं।
