भद्रावती में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ा, मुख्य मार्गों पर बढ़ रहा खतरा, नागरिकों में नाराज़गी
Stray Dogs Menace: भद्रावती शहर में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। मुख्य मार्गों पर झुंड के रूप में घूमते कुत्तों से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा है, जिससे नागरिकों ने कार्रवाई की मांग की है।
- Written By: आंचल लोखंडे
भद्रावती में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ा (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Bhadravati News: भद्रावती शहर में इन दिनों आवारा कुत्तों की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। मुख्य मार्गों पर बड़ी संख्या में कुत्तों के झुंड दिनभर घूमते नजर आते हैं। कई स्थानों पर कुत्तों ने सड़क पर ही डेरा जमा लिया है, जिससे राहगीरों को हमेशा दुर्घटना का भय बना रहता है।
खासकर सुबह-शाम स्कूल जाने वाले बच्चों, कार्यालय कर्मियों और दुपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अचानक भौंकने या पीछे दौड़ने की वजह से लोग संतुलन खो बैठते हैं और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
सड़क पर घूमते पशुओं से यातायात अव्यवस्थित
नागरिकों के अनुसार स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। आवारा कुत्तों के साथ ही गाय और बैल भी सड़कों पर स्वतंत्र रूप से घूमते दिखाई देते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था बाधित हो रही है। शिकायतों के बावजूद अब तक स्थायी समाधान न मिलना लोगों में असंतोष बढ़ा रहा है।
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कांजी हाउस खाली, कार्रवाई के अभाव पर सवाल
शहर में मौजूद कांजी हाउस लंबे समय से खाली पड़ा है। नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका आवारा पशुओं को वहां रखने जैसी कार्रवाई में इच्छुक नहीं दिखती, जिसके कारण उनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। यह स्थिति बच्चों और बुजुर्गों के लिए अधिक खतरनाक बन गई है।
रात में बढ़ जाता है खतरा
नागरिकों ने बताया कि रात के समय कुत्तों का व्यवहार और अधिक आक्रामक हो जाता है। घर के बाहर झुंड बनाकर भौंकना और राहगीरों के पीछे दौड़ना आम बात हो गई है। सुबह की सैर पर जाने वाले कई लोग अब हाथों में डंडा लेकर निकलने को मजबूर हैं।
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तत्काल उपाय की मांग
नागरिकों ने नगर पालिका से मांग की है कि कुत्तों की नसबंदी एवं टीकाकरण, उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था,सड़क पर घूमने वाले अन्य पशुओं को कांजी हाउस में स्थानांतरित किया जाए।
ताकि हादसों की संभावना कम हो सके
भद्रावती के नागरिकों को उम्मीद है कि नगर पालिका जल्द ठोस कदम उठाएगी और बढ़ती समस्या से राहत दिलाएगी। फिलहाल शहर का मुख्य सवाल यही है।आख़िर कब मिलेगी आवारा कुत्तों से निजात?
