अब मनपा चुनाव का इंतजार, 14 दिसंबर के बाद हो सकता है ऐलान, तैयारी में जुटे कार्यकर्ता
Chandrapur Political Updates: चंद्रपुर मनपा चुनाव की घोषणा 14 दिसंबर के बाद होने की संभावना है, जबकि आरक्षण पर उच्च न्यायालय की आपत्ति के कारण उम्मीदवारों में संशय बना हुआ है।
- Written By: आंचल लोखंडे
अब मनपा चुनाव का इंतजार (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Chandrapur Municipal Election: चंद्रपुर नगर परिषद एवं नगर पंचायतों के लिए 2 दिसंबर को हुए चुनाव के बाद अब इच्छुक प्रत्याशियों की निगाहें आगामी मनपा चुनावों की घोषणा पर टिकी हैं। संभावित उम्मीदवार और उनके समर्थक कार्यकर्ता चुनावी तैयारियों में जुट चुके हैं। महाराष्ट्र विधानसभा का शीतकालीन अधिवेशन नागपुर में 8 से 14 दिसंबर के बीच हो रहा है। ऐसे में 14 दिसंबर के बाद किसी भी समय मनपा चुनावों की घोषणा की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि चंद्रपुर मनपा चुनाव हेतु 11 नवंबर को आरक्षण घोषित किया गया था, किंतु उच्च न्यायालय द्वारा आरक्षण मर्यादा के उल्लंघन पर आपत्ति लिए जाने के बाद उम्मीदवारों में बेचैनी का माहौल है। राज्य चुनाव आयोग इस आरक्षण पर क्या भूमिका अपनाएगा? क्या चंद्रपुर मनपा का आरक्षण दोबारा निकाला जाएगा? इसी असमंजस में राजनीतिक कार्यकर्ता उलझे हुए हैं।
66 पार्षदों के लिए चुनाव
कुल 66 सदस्यीय मनपा में कुल 17 प्रभाग हैं, जिनमें 15 प्रभाग 4 सदस्यीय और 2 प्रभाग 3 सदस्यीय हैं। 11 नवंबर को घोषित आरक्षण के अनुसार विभिन्न प्रभागों में एससी, एसटी, ओबीसी तथा सर्वसाधारण वर्ग के लिए वार्ड आरक्षित किए गए हैं। इनमें देवई-गोविंदपुर, शास्त्रीनगर, एमईएल, बंगाली कैम्प, विवेकनगर, इंडस्ट्रियल एस्टेट, जटपुरा गेट, वडगांव, नगिनाबाग, एकोरी, भानापेठ, महाकाली, पठानपुरा-महाकाली, विठ्ठल मंदिर, हिंदुस्तान लालपेठ कॉलरी और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर प्रभाग शामिल हैं।
सम्बंधित ख़बरें
200 से ज्यादा वीडियो बरामद, ‘दत्तधाम सरकार’ के नाम पर ठगी, संगमनेर में फर्जी बाबा राजेंद्र गडगे गिरफ्तार
ठाणे जिले में जनगणना 2027 की तैयारियां, प्रगणक एवं सुपरवाइजरों की ट्रेनिंग शुरू
खुद को अवतार बताने वाला मनोहर मामा गिरफ्तार, काले जादू और पूजा के नाम पर 50 हजार की ठगी
आज पानी बचाया, कल खेती बची: यवतमाल में ‘जलतारा’ योजना से भूजल बढ़ाने की मुहिम तेज
ये भी पढ़े: Nagpur Weather: उतरा पारा, बढ़ गई ठंड, अगले 3 दिन और गिरेगा पारा, IMD ने जारी किया अलर्ट
पिछले महीने घोषित आरक्षण को उच्च न्यायालय में चुनौती मिल चुकी है। इसलिए अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह आरक्षण यथावत रहता है या इसमें बदलाव किए जाते हैं। चुनावी तैयारी करने वाले इच्छुक उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं की निगाहें इन्हीं निर्णयों पर टिकी हुई हैं।
