चंद्रपुर कांग्रेस में दो फाड़! वड्डेटीवार-धानोरकर अपने-अपने नगरसेवकों के साथ हुए अलग, सुलह नहीं कर पाए सपकाल
Congress Leader Dispute: चंद्रपुर महानगरपालिका में कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। विधायक विजय वडेट्टीवार और सांसद प्रतिभा धानोरकर के बीच मतभेद अलग गुट बनाने तक पहुंच गया है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Congress leader dispute (सोर्सः सोशल मीडिया)
Chandrapur Mayor Election: चंद्रपुर कांग्रेस में गुटबाजी खुलकर सामने आई है। विधायक विजय वडेट्टीवार और सांसद प्रतिभा धानोरकर अपने-अपने समर्थक नगरसेवकों के साथ आमने-सामने हैं। प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल की मध्यस्थता के बावजूद दोनों गुटों में सुलह नहीं हो सकी, जिससे मनपा सत्ता पर संकट गहरा गया है। सांसद प्रतिभा धानोरकर 13 नगरसेवक तो वडेट्टीवार 14 नगरसेवकों के साथ अलग गुट करन की खब़र सामने आई है। जिससे चंद्रपुर से लेकर नागपुर की राजनिती तक भूचाल ला दिया है।
स्थानीय महानगरपालिका में अगला महापौर किस राजनीतिक दल का होगा और कौन सत्ता स्थापित करेगा, इसे लेकर बीते एक सप्ताह से चल रही अटकलों के बीच कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी परिस्थिति में चंद्रपुर मनपा में कांग्रेस का ही महापौर बनेगा। उन्होंने दावा किया कि उनके और सांसद प्रतिभा धानोरकर के बीच अब कोई विवाद नहीं रहा है।
वडेट्टीवार और धानोरकर के बीच बढ़ा विवाद
हालांकि, इसी बीच शुक्रवार को कांग्रेस गुटनेता के पंजीयन को लेकर विजय वडेट्टीवार और सांसद प्रतिभा धानोरकर के बीच एक बार फिर मतभेद सामने आए। गुटनेता पद के लिए दोनों नेताओं ने अलग-अलग पार्षदों के नाम प्रस्तावित किए और एक-दूसरे के प्रस्तावों का विरोध किया, जिसके कारण कांग्रेस गुट का पंजीयन शुक्रवार को नहीं हो सका।
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कांग्रेस के पास पर्याप्त संख्याबल
वडेट्टीवार ने दावा किया कि मनपा में सत्ता स्थापित करने के लिए कांग्रेस के पास पर्याप्त संख्याबल है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में सांसद धानोरकर के साथ जो मतभेद सामने आए थे, वे अब समाप्त हो चुके हैं और दोनों नेताओं के बीच कोई स्थायी विवाद नहीं है। उन्होंने भरोसा जताया कि एक-दो दिनों में कांग्रेस का गटनेता सर्वसम्मति से चुना जाएगा और समर्थक दलों के साथ मिलकर सत्ता स्थापना का दावा पेश किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन मतभेदों को सुलझाने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मध्यस्थता की और स्वयं सांसद धानोरकर से फोन पर बातचीत की। इसके बाद दोनों पक्षों में सहमति बनने की दिशा में प्रयास तेज हुए हैं।
मतभेद होना स्वाभाविक
वडेट्टीवार ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल में नेताओं के बीच मतभेद होना सामान्य बात है, लेकिन यह तय करना आवश्यक है कि उन्हें कितनी दूर तक ले जाना है। पार्टी हित सर्वोपरि है और उसी को ध्यान में रखते हुए वे जरूरत पड़ने पर पीछे हटने या समझौता करने के लिए भी तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चंद्रपुर मनपा के महापौर पद को लेकर अंतिम निर्णय प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल द्वारा लिया जाएगा और वही सभी को मान्य होगा।
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बहुमत के लिए 34 सीटों की आवश्यकता
66 सदस्यीय चंद्रपुर मनपा में कांग्रेस और समर्थित जनविकास सेना गठबंधन को कुल 30 सीटें प्राप्त हुई हैं। बहुमत के लिए 34 सीटों की आवश्यकता है। भाजपा-शिवसेना (शिंदे गुट) गठबंधन को 24 सीटें मिली हैं। वहीं शिवसेना (ठाकरे गुट) को 6 और वंचित बहुजन आघाड़ी को 2 सीटें मिली हैं। इन दोनों दलों ने मिलकर 8 पार्षदों का एक गुट पंजीबद्ध किया है। दूसरी ओर, कांग्रेस समर्थित जनविकास सेना ने एआईएमआईएम के एक पार्षद को साथ लेकर अलग गुट का पंजीयन किया है।
गटनेता के नाम पर सहमति नहीं
कांग्रेस गटनेता के चयन को लेकर विजय वडेट्टीवार और सांसद प्रतिभा धानोरकर के बीच शुक्रवार देर शाम तक सहमति नहीं बन सकी। वडेट्टीवार ने पार्षद वसंत देशमुख का नाम प्रस्तावित किया, जबकि धानोरकर ने पार्षद सुरेंद्र अड़बाले का नाम आगे बढ़ाया। दोनों प्रस्तावों पर असहमति के चलते तय कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को कांग्रेस गुट का पंजीयन नहीं हो सका। अब यह पंजीयन तीन दिन के अवकाश के बाद मंगलवार को होने की संभावना है।
