चंद्रपुर ST विभाग ने 65 दिनों में स्वच्छता के नाम पर वसूले 58.50 लाख रुपये; फिर भी बस स्टैंड्स पर गंदगी का अंब
Chandrapur MSRTC: MSRTC द्वारा लागू 2 रुपये स्वच्छता अधिभार से चंद्रपुर विभाग ने 65 दिनों में 58.50 लाख रुपये वसूले, लेकिन बस स्टैंड्स और बसों में गंदगी से यात्रियों में भारी असंतोष है।
- Written By: केतकी मोडक
चंद्रपुर बस स्टैंड (सोर्स - फोटो नवभारत)
Chandrapur MSRTC Swachhata Surcharge: चंद्रपुर राज्य परिवहन महामंडल ने 15 अप्रैल 2026 से प्रत्येक यात्री टिकट घर 2 रुपये ‘स्वच्छता अधिभार निधि’ वसूलने का निर्णय लागू किया है। यात्रियों से ली जाने वाली यह राशि व्यक्तिगत स्तर पर कम दिखाई देती है, लेकिन राज्यभर के साथ-साथ चंद्रपुर विभाग में इससे बड़े पैमाने पर राजस्व एकत्र हो रहा है। हालांकि, इस अतिरिक्त शुल्क के बावजूद बस स्टैंड और बसों में अपेक्षित स्तर की स्वच्छता नहीं दिखाई देने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चंद्रपुर ST विभाग से पिछले 65 दिनों में लगभग 29 लाख 25 हजार यात्रियों ने यात्रा की है। प्रत्येक टिकट पर 2 रुपये के हिसाब से विभाग ने 58 लाख 50 हजार रुपये स्वच्छता अधिभार के रूप में एकत्र किए हैं। इतनी बड़ी राशि जमा होने के बावजूद चंद्रपुर मुख्य बस स्टेशन सहित कई बस स्टेंडों पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं होने की बात यात्रियों द्वारा कही जा रही है।
चंद्रपुर एक औद्योगिक जिला होने के कारण यहां यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से रोजगार, शिक्षा और विभिन्न शासकीय कार्यों के लिए प्रतिदिन हजारों नागरिक एसटी सेवा का उपयोग करते हैं। राज्य सरकार की ‘महिला सम्मान’ योजना के तहत महिलाओं को यात्रा किराए में 50 प्रतिशत की छूट मिलने के कारण महिला यात्रियों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
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ऐसी स्थिति में यात्रियों से अतिरिक्त शुल्क वसूले जाने के बावजूद बस स्टैंडों की सफाई, विश्राम कक्षों की व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति अपेक्षित स्तर पर नहीं होने से असंतोष बढ़ रहा है। यात्रियों का कहना है कि स्वच्छता अधिभार और वास्तविक स्वच्छता व्यवस्था के बीच स्पष्ट अंतर दिखाई देता है। ऐसे में एसटी प्रशासन को इस निधि के उपयोग में अधिक पारदर्शिता लाते हुए बस स्टैंड और बसों को स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता है।
268 बसें यात्रियों की सेवा में
चंद्रपुर ST विभाग में वर्तमान में 268 ST बसें संचालित हो रही हैं। इन बसों से प्रतिदिन औसतन 45 हजार यात्री यात्रा करते हैं। इसके चलते केवल स्वच्छता अधिभार से विभाग को प्रतिदिन लगभग 90 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त हो रहा है। मासिक स्तर पर यह राशि लाखों में पहुंच रही है और वर्षभर में करोड़ों रुपये जमा होने की संभावना जताई जा रही है।
स्वच्छता की जिम्मेदारी जाएगी कंपनी के पास
सूत्रों के अनुसार, चंद्रपुर शहर बस स्टेशन की सफाई व्यवस्था जल्द ही स्मार्ट कंपनी की सौंप जाने की प्रक्रिया में है। इसके चलते वर्तमान एजेंसी द्वारा सफाई कार्यों पर अपेक्षित गंभीरता नहीं बरतने की चर्चा है। बस स्टेशन परिसर में कई स्थानों पर कचरा जमा होने तथा शौचालयों की स्वच्छता को लेकर यात्रियों की शिकायतें सामने आ रही हैं।
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स्वच्छता अधिभार से प्राप्त निधि का उपयोग बसों की सफाई, बस स्टैंड परिसर को स्वच्छ रखने, चालक-परिचालक विश्राम कक्षों की देखभाल, शौचालयों के रखरखाव और अन्य स्वच्छता सुविधाओं पर किया जाना अपेक्षित है। हालांकि वर्तमान स्थिति को देखते हुए इस निधि के उपयोग की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
सफाई का कार्य स्मार्ट कंपनी को
चंद्रपुर ST विभागीय नियंत्रक छगन दिवसे ने कहा है कि “बस स्टेशन की सफाई का कार्य स्मार्ट कंपनी को सौपा गया है। स्वच्छता की नियमित जांब की जाती है। यदि कहीं कमी पाई जाती है तो संबंधिती के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाती है।”
