भारी बारिश में ठिय्या: 'डीबीटी हमारे हक का, नही किसी के बाप का' जैसे नारे से आदिवासी छात्रों ने किया आंदोलन

Tribal Students Protest: नासिक में आदिवासी छात्रों ने प्रलंबित डीबीटी फंड की मांग को लेकर भारी बारिश में आदिवासी विकास आयुक्तालय के सामने ठिय्या आंदोलन किया और ज्ञापन सौंपा।
Tribal Students Protest In Nashik For Pending DBT Funds At Adivasi Vikas Ayuktalay
भारी बारिश में ठिय्या आंदोलन करते छात्र (सोर्सः फाइल फोटो)
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Tribal Students Protest In Nashik: प्रलंबित डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) निधि के भुगतान की मांग को लेकर आदिवासी छात्रों का आक्रोश मंगलवार को सड़कों पर देखने को मिला। आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वयं योजना के अंतर्गत शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों ने आदिवासी विकास आयुक्तालय के समक्ष भारी बारिश के बीच ठिय्या आंदोलन किया। आज सुबह 11 बजे शुरू हुए इस आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए।

छात्रों का कहना है कि शैक्षणिक वर्ष 2025-26 समाप्त होने के बावजूद उन्हें अब तक योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता प्राप्त नहीं हुई है। इस कारण उन्हें आवास, भोजन, शैक्षणिक सामग्री और अन्य आवश्यक खर्चों के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आंदोलन के दौरान छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की।

'डीबीटी हमारे हक का, नहीं किसी के बाप का'

प्रदर्शनकारी छात्रों ने बताया कि स्वयं योजना के माध्यम से उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले आदिवासी विद्यार्थियों को राज्य सरकार की ओर से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि छात्रों के रहने, खाने, पुस्तकें खरीदने और अन्य शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। लेकिन इस साल निधि जारी नहीं होने के कारण कई विद्यार्थियों पर कर्ज का बोझ बढ़ गया है। कई छात्र निजी हॉस्टल संचालकों और मेस मालिकों के भुगतान को लेकर परेशान हैं।

छात्रों का आरोप है कि बार-बार संबंधित अधिकारियों और विभाग से संपर्क करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। इसी के विरोध में नासिक के साथ-साथ नांदेड़ और अमरावती के छात्रों ने एकजुट होकर आंदोलन का रास्ता अपनाया। प्रदर्शन के दौरान 'डीबीटी हमारे हक का, नहीं किसी के बाप का' जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।

छात्रों ने दी यह चेतावनी

आंदोलन के दौरान छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने सहायक आयुक्त दिगंबर चव्हाण को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा और लंबित निधि तत्काल जारी करने की मांग की। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही डीबीटी की राशि उनके खातों में जमा नहीं की गई तो आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा। मूसलाधार बारिश के बावजूद छात्र कई घंटों तक आयुक्तालय परिसर के बाहर डटे रहे, जिससे उनकी नाराजगी और समस्या की गंभीरता स्पष्ट दिखाई दी।

इस आंदोलन में प्रशांत गावंडे, कल्पेश खंबाईत, तेजस पाचोरे, दत्ता खरोटे सहित बड़ी संख्या में आदिवासी छात्र शामिल हुए। छात्रों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए शीघ्र निधि जारी करेगा, ताकि उनकी शिक्षा प्रभावित न हो और उन्हें आर्थिक संकट से राहत मिल सके।

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