चंद्रपुर एसटी बसों में फर्जी दिव्यांगों पर सख्ती, अब रियायती यात्रा से पहले UDID का सत्यापन जरूरी

Chandrapur ST Bus: चंद्रपुर में एसटी बसों में फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्रों के बढ़ते इस्तेमाल को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। अब यात्रा के दौरान UDID कार्ड की सख्ती से जांच होगी।
Strict action against fake disabled passengers on Chandrapur ST buses; UDID verification now mandatory before availing concessional travel
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Chandrapur ST Bus Disability Card: चंद्रपुर राज्य परिवहन निगम (ST) को बसों में सफर करते समय दिव्यांगों को खास छूट दी जाती है। परंतु यह देखा गया है कि असली दिव्यांगों के मुकाबले फर्जी दिव्यांग इस छूट का ज्यादा फायदा उठा रहे हैं।

इसे देखते हुए, दिव्यांग कल्याण विभाग ने ST' निगम को फर्जी दिव्यांग पहचान पत्रों के इस्तेमाल को रोकने के लिए पूरी तरह से पड़ताल करने का निर्देश दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस बारे में पत्र शुक्रवार को रापनि चंद्रपुर कार्यालय को मिला और इसे लागू भी कर दिया गया है।

UDID की जांच होगी अब ST द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसके अनुसार, यात्रा के दौरान दिल्यांग यात्रियों के वैश्विक दिव्यांग पहचान पत्र (UDID) की सख्ती से जांच की जाएगी।

इस कार्रवाई में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए, जब्त किए गए कार्ड का एक अलग रिकॉर्ड रखा जाएगा, और इसकी एक विस्तृत मासिक रिपोर्ट सीधे संबंधित विभागीय कार्यालय में दर्ज की जाएगी, अब, यात्रा के दौरान, UDID कार्ड पर नंबर और जन्म तिथि का उल्लेख करके तुरंत इसकी वैधता की जांच की जाएगी।

यदि कार्ड वैध है, तो यात्रियों को मुफ्त या रियायती यात्रा दी जाएगी, और यदि कोई अमान्य या संदिग्ध कार्ड पाया जाता है, तो उसे तुरंत जब्त कर लिया जाएगा, यदि नकली, अमान्य या गलत जानकारी वाला कार्ड पाया जाता है, तो दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम 2016 की धारा 91 के अनुसार सीधे डिपो स्तर पर मामला दर्ज किया जाएगा।

पात्र लोगों को ही लाभ मिलेगा

जांच अभियान यह सत्यापित करेगा कि पहचान पत्र, फोटो, विवरण और वास्तविक लाभार्थी की वैधता एक जैसी है या नहीं। ST निगम के इस फैसले से उन लोगों पर अंकुश लगेगा जी नकली पहचान पत्रों के आधार पर मुफ्त वा रियायती यात्रा करते है।

साथ ही, कार्रवाई के पीछे मुख्य उद्देश्य यह है कि केवल वास्तविक और पात्र दिव्यांग यात्रियों को ही छूट का लाभ मिले। इसे जमा करना जरूरी कर दिया गया है।

खास बात यह है कि इस निरीक्षण प्रक्रिया को और असरदार बनाने के लिए, ST हियों में एक खास ऐप का इस्तेमाल जरूरी कर दिया गया है। क्योंकि ऐप के जरिए कार्ड की वैधता तुरंत चेक हो जाएगी, इसलिए नकली कार्ड धारक आसानी से पकड़े जा सकेंगे।

- स्मिता सुवाबने, विभागिय नियंत्रक, रापनि, चंद्रपुर

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