मनसे नेता ने मजदूरों को पीटा, चंद्रपुर में मराठी भाषा को लेकर हुआ विवाद, FIR दर्ज
Chandrapur News: चंद्रपुर के सड़क निर्माण स्थल पर मनसे नेता राजू उंबरकर ने कामगारों की पिटाई और धमकी दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, कार्यस्थल में असंतोष फैल गया।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Chandrapur MNS Violence News: चंद्रपुर जिले के घुग्घुस-वणी क्षेत्र में शिंबला-नंदेपेरा सड़क निर्माण स्थल पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के पदाधिकारी राजू उंबरकर द्वारा कामगारों की बेवजह पिटाई और धमकी की घटना सामने आई है। मराठी और हिंदी भाषी कामगारों के बीच भाषा को लेकर विवाद हुआ।
स्थानीय गजानन कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक जयंत मामीडवार के तहत चल रहे निर्माण कार्य में प्रोजेक्ट मैनेजर अजय हिंगाने की देखरेख में काम हो रहा था। जानकारी के अनुसार, काम के दौरान हिंदी भाषा बोलने पर उंबरकर ने कामगारों को धमकाया और मारपीट की। विवाद में निरपेन्द्र पटेल और बीचबचाव करने गए सागर तन्नीरवार को भी घायल किया गया।
मराठी भाषा को लेकर हुआ विवाद
बताया जा रहा है मनसे पदाधिकारी ने साइट पर मौजूद कर्मी निरपेन्द्र पटेल से यह कहकर मारपीट शुरू की कि, अगर तुम्हें मराठी भाषा नहीं आती तो तुम्हे यहां काम करने का कोई अधिकार नहीं है। तुम यहां काम नहीं कर सकते।
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र में बंद हुए कई Petrol Pump, महंगाई में कमर तोड़ने के लिए आज फिर से बढ़ गई पेट्रोल की कीमत
Ashok Kharat Money Laundering: विदेश भागने की फिराक में था ढोंगी तांत्रिक अशोक खरात, SIT जांच में बड़ा खुलासा
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: नासिक समेत 16 सीटों पर 18 जून को मतदान, जिला परिषदों के न होने से घटे मतदाता
मोहाडी में जल संकट को लेकर अनशन शुरू, करोड़ों खर्च के बावजूद कई वार्डों में पानी नहीं
यह भी पढ़ें:- अब पहली कक्षा से होगी खेती की पढ़ाई, महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, जानिए पूरा प्लान
इसके बाद मनसे नेता उंबरकर ने कर्मियों को जबरन कंपनी के प्लांट तक ले जाकर धमकी दी कि अगर संचालक मामीडवार नहीं आए तो प्लांट को आग लगा देंगे। घटना की जानकारी मिलने पर मैनेजर हिंगाने ने वणी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने राजू उंबरकर के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस घटना से कार्यस्थल में असंतोष बढ़ गया है और सभी की निगाहें अब पुलिस कार्रवाई और मनसे के आंतरिक कदमों पर लगी हैं। मामला सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया में भी सुर्खियों में है, और कार्यस्थल पर तनाव अभी भी बना हुआ है।
