सावधान! ईंधन की कमी की अफवाह फैलाना पड़ेगा भारी; मुख्यमंत्री की चेतावनी, चंद्रपुर प्रशासन करेगा सख्त जांच
Petrol Crisis: ईंधन की कमी की अफवाहों ने चंद्रपुर में भारी पैनिक पैदा किया, जिससे पंपों पर भीड़ उमड़ पड़ी। मुख्यमंत्री ने सख्त जांच के आदेश दिए हैं अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- Written By: रूपम सिंह
चंद्रपुर पंप (सोर्स-सोशल मीडिया)
Chandrapur Petroleum Supply News: खाड़ी देशों की युद्ध का असर पूरी दुनिया की तरह अपने देश, राज्य और शहरों तक असर पड़ना स्वाभाविक है। लेकिन इसमें अफवाह फैलाकर लोंगों के बीच पैनिक करवाना दंडनीय अपराध है। राज्य के मुख्यमंत्री ने इस बात की घोषणा कर दी है कि अफवाह फैलाने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। पिछले दिनों पेट्रोलियम पदार्थों की डीजल और पेट्रोल की कमी का अफवाह पूरी तरह से गलत निकली। इसकी जांच जरूरी है।
क्योकि इस कारण कुछ लोंगों को असहनीय पीड़ा का सामना करना पड़ा है। ऐसे फैली अफवाह सबसे पहले ताडोबा रोड स्थित तीन पेट्रोल पंपों पर जरूरत से ज्यादा भीड़ देखने को मिली। कुछ पेट्रोल पंप पर पुलिस को भी पहुंचना पड़ा। व्हाट्सप और मोबाइल के माध्यम से अफवाह ऐसे आगे तक फैली कि आधे घंटे में चन्द्रपुर शहर के पेट्रोल पंपों पर जबरदस्त भीड़ होने लग गई।
दूसरे दिन पूरे जिले सहित विदर्भ के पंपों पर यही हाल हो गया था। अफवाह के कारण पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल की बिक्री अचानक बढ़ने से स्वाभाविक है कि पंप का स्टॉक कम होने के बाद पेट्रोल टैंकर आने तक कुछ देरी के लिए पंप बन्द करना पड़ता था। लेकिन इससे अफवाह और पुख्ता हो रही थी। जबकि पेट्रोलियम प्रशासन, पेट्रोल पंप संचालक और कर्मचारियों द्वारा बार-बार अनुरोध किया जा रहा था कि अचानक बिक्री बढ़ने से यह हालत हुई है।
सम्बंधित ख़बरें
36 करोड़ खर्च किए फिर भी कई गांवों में जल संकट, वर्धा में 906 उपाययोजनाएं कागजों पर मंजूर
Pune Airport Metro कॉरिडोर को अंतिम मंजूरी, कल्याणीनगर से मिलेगी सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी
किसानों को न्याय दो…यवतमाल विधायक ने मुंबई विधानभवन की सीढ़ियों पर किया आंदोलन
इससे समानता के अधिकार का उल्लंघन नहीं होता- सिख समाज को हेलमेट से मिली कानूनी छूट पर नागपुर हाई कोर्ट की मुहर
लेकिन सभी को यही लग रहा था। अपनी गाड़ी की टंकी फूल करा लूं। तीन से चार दिनों तक पेट्रोल पंप संचालक और कर्मचारियों को नींद हराम हो गई थी। तड़के सुबह से रात के 1 बजे तक पेट्रोल पंप शुरू रखना, भीड़ को समझाना, कतार में लोंगों रहने के लिए कहना। भीड़ में से लोंगों द्वारा तरह-तरह टिपणियां कहा जाना। स्थिति प्रतिकूल हो गई थी। पेट्रोल की बिक्री भी औसतन विक्री से तिगुना और चौगुना रही।
ये भी पढ़ें :- चंद्रपुर में 1381 छात्रों ने बनाया विश्व का सबसे बड़ा पीस सिंबल, ‘हमें युद्ध नहीं शांति चाहिए’ का गूंजा संदेश
अफवाह की जांच होगी
खाड़ी का युद्ध अभी टला नहीं है। इसका मतलब पिछली बार अफवाह फैलाने वालों आगे भी अफवाह फैला सकते हैं। ऐसी दुबारा नौबत न आए, उसके पहले अफवाह बहादों को कानून के दायरे में लाना जरूरी है, ताकि उन्हें सबक मिल सके, चंद्रपुर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन सहित कुछ विभाग मिलाकर जांच की जानी चाहिए ताकि आगे किसी प्रकार का अफवाह फैलाने के बारे में कोई सोच भी नहीं सकें। यह समझना जरूरी है कि अफवाह एक जिंदा बम से भी ज्यादा खतरनाक है। बम कुछ क्षेत्र को नुकसान करेगा जबकि अफवाह का रेज असीमित है। अफवाह की गंभीरता को समझना जरूरी है।
स्थिति सामान्य हुई
गुरुवार को बिक्री सामान्य हुई जबकि शुक्रवार से खरीददारों की कमी हो गई। सामान्य से भी कम बिक्री। इससे स्पष्ट हो गया कि लोग जरूरत के लिए नहीं, अपितु अफवाह के चलते अतिरिक्त पेट्रोल खरीदे है। मतलब पेट्रोल की कमी नहीं थी। यह पूरी तरह अफवाह थी।
