मनोज पोतराजे और किशोर जोरगेवार (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Kishor Jorgewar vs Manoj Potraje: चंद्रपुर में भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ता मनोज पोतराजे ने यहां अपनी ही पार्टी के विधायक किशोर जोरगेवार को खुली चुनौती देते हुए कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस के खिलाफ कैम्पेन चलाने के जो आरोप लगाए हैं, वे उन्हें साबित करें, अन्यथा वे भरे चौक में यह साबित करने को तैयार हैं कि विधायक जोरगेवार ने ही उनकी यंग चांदा ब्रिगेड संगठन के माध्यम से प्रधानमंत्री तथा गृहमंत्री के खिलाफ कैम्पेन चलाया था।
पोतराजे ने कहा कि उनकी पत्नी को इस मनपा चुनाव में भाजपा की ओर से अधिकृत रूप से उम्मीदवारी दी गई थी और प्रदेश भाजपा की ओर से जारी प्रत्याशियों की सूची में उनका नाम भी शामिल था, किंतु विधायक किशोर जोरगेवार ने उनकी पत्नी का टिकट बिना कोई ठोस कारण बताए स्थानीय स्तर पर काट दिया।
बाद में जोरगेवार ने यह स्पष्टीकरण दिया कि प्रत्याशी के पति ने मुख्यमंत्री के खिलाफ गलत जानकारी फैलाते हुए अभियान चलाया था, जिससे उनका टिकट काट दिया गया। पोतराजे ने कहा कि उनके खिलाफ उस वक्त लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद थे तथा यह सब कुछ सिर्फ पार्टी के एक सक्रिय कार्यकर्ता का राजनीतिक जीवन समाप्त करने की दिशा में प्रयास था।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस घटनाक्रम को लेकर जोरगेवार आरोप कर रहे हैं, वह जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक में नौकर भर्ती में हुई अनियमितता के खिलाफ उनके द्वारा किए गए भूख हड़ताल के समय का है। यह हड़ताल आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के जरिए की गई थी। इस आंदोलन में अलग-अलग विचारधाराओं और पार्टियों के लोगों ने हिस्सा लिया था।