बाबूपेठ-सास्ती रेल लाइन प्रोजेक्ट का ग्रामीणों ने किया विरोध, जन आंदोलन की दी चेतावनी
Chandrapur News: बाबूपेठ-सास्ती नई रेलवे लाइन का किसानों ने किया विरोध। बल्लारपुर में जनसुनवाई के दौरान नांदगांव (पोडे) के ग्रामीणों ने परियोजना को खेती के लिए खतरा बताया।
- Written By: आकाश मसने
अधिकारी को ज्ञापन सौंपते चंद्रपुर के किसान व ग्रामीण (फोटो नवभारत)
Babupeth Sasti Railway Line Project: रेलवे प्रशासन ने चंद्रपुर जिले के बाबूपेठ से सास्ती के बीच एक नई रेलवे लाइन का प्रस्ताव रखा है। इस संबंध में बल्लारपुर उप-मंडल कार्यालय में एक जनसुनवाई आयोजित की गई। इसमें नांदगांव (पोडे) के किसानों और ग्रामीणों ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने उप-मंडल अधिकारी अजय चरडे को एक ज्ञापन के माध्यम से नई रेलवे लाइन का कड़ा विरोध किया।
रेलवे प्रशासन ने बाबूपेठ से सास्ती के बीच नई रेल लाइन बनाने के लिए रेलवे अधिनियम 1989, रेलवे (संशोधन) अधिनियम 2008 के तहत सक्षम भूमि अधिग्रहण प्राधिकरण और उप-मंडल अधिकारी कार्यालय की ओर से बल्लारपुर में एक जनसुनवाई आयोजित की।
इस दौरान नांदगांव (पोडे) के ग्रामीण, किसान और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इसमें बाबूपेठ से सास्ती के बीच नई रेलवे लाइन का विरोध किया गया। इस समय नांदगांव (पोडे) की सरपंच वनिता वैद्य, उपसरपंच मल्लेश कोडारी, सुनील खापने, स्वराज्य शेतकरी संगठन के सूर्या अड़बाले, गणेश आमने, देनानंद शेंडे, शैलेश लांबट, गौरव पोडे, लक्ष्मण पोडे, मनोहर पोडे सहित ग्रामीण उपस्थित थे।
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अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की
इस दौरान, रेलवे इंजीनियर नवीन शर्मा, उपविभागीय अधिकारी अजय चरडे, वेकोलि के क्षेत्र नियोजन अधिकारी अविनाश तलवलकर ने किसानों को रेलवे लाइन के बारे में समझाने की कोशिश की। लेकिन किसान इस बात पर अड़े रहे कि रेलवे लाइन के कारण कृषि क्षेत्र के विभाजन का खतरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह परियोजना किसानों के लिए विनाशकारी है। रेलवे प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए। अन्यथा, उन्होंने जन आंदोलन की चेतावनी दी।
