

Viththalwada Protest: शनिवार, 17 जनवरी की देर रात आष्टी-गोंडपिपरी मार्ग पर सुरजागड पार्किंग स्थल के सामने हुई भीषण दुर्घटना में घायल युवक की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे विठ्ठलवाडा गांव पर शोक का पहाड़ टूट पड़ा। इस घटना से आक्रोशित नागरिकों ने अहेरी-चंद्रपुर राष्ट्रीय मार्ग पर रास्ता रोककर अपना असंतोष व्यक्त किया।
लापरवाही से ट्रक चलाते हुए स्कूटी को टक्कर मारने से यह दर्दनाक हादसा हुआ था। दुर्घटना में आर्यन प्रेमानंद गोंगले (19) की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल श्रेयस रवी डोर्लीकर (20) का इलाज चल रहा था। हालांकि, मंगलवार 20 जनवरी को इलाज के दौरान श्रेयस ने भी दम तोड़ दिया।
श्रेयस की मौत की खबर मिलते ही विठ्ठलवाडा गांव के नागरिकों ने अहेरी-चंद्रपुर राष्ट्रीय मार्ग पर उसका शव रखकर रास्ता जाम कर दिया। इससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मांगें पूरी होने तक शव न उठाने की सख्त भूमिका लेने से कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति भी बनी रही।
विठ्ठलवाडा निवासी आर्यन और श्रेयस, दोनों मित्र शनिवार को अपनी स्कूटी (क्रमांक MH-34-AH-9869) से आष्टी से घर लौट रहे थे। इसी दौरान आष्टी पुलिया के पास सुरजागड पार्किंग स्थल से आरोपी ट्रक (क्रमांक TS-17-T-3132) बिना किसी संकेत के अचानक सड़क पर आ गया और दुपहिया वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। इस टक्कर में आर्यन की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि श्रेयस गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसकी बाद में मौत हो गई। दोनों युवकों की एक के बाद एक मौत से पूरा विठ्ठलवाडा गांव शोक में डूब गया है।
गडचिरौली जिले के सुरजागड लोह प्रकल्प से ओवरलोड वाहनों की बढ़ती आवाजाही मासूम लोगों की जान ले रही है, ऐसा आक्रोश नागरिकों ने इस विरोध प्रदर्शन के दौरान व्यक्त किया। “और कितनी बलि ली जाएंगी?” यह सवाल ग्रामीणों ने उठाया।