श्वेता महाले और संजय गायकवाड़ (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Mahayuti Internal Conflict: चिखली विधानसभा क्षेत्र में महायुति के भीतर चल रहा अंतर्कलह अब खुलकर सामने आ गया है। विधायक संजय गायकवाड़ और विधायक श्वेता महाले के बीच जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है। संजय गायकवाड़ ने स्पष्ट कहा है कि वे सूचना के अधिकार (आरटीआई) का दुरुपयोग कर किसी पर दबाव बनाने का काम नहीं करते, बल्कि ऐसा करने वालों को अपने घर में ही जांच करनी चाहिए।
चिखली विधानसभा क्षेत्र में शिवसेना (शिंदे गुट) संगठन विस्तार के प्रयासों के बीच विधायक श्वेता महाले ने संजय गायकवाड़ पर गंभीर आरोप लगाए थे। महाले का दावा था कि गायकवाड़ सूचना के अधिकार का डर दिखाकर और सरपंचों पर दबाव डालकर लोगों को पार्टी में शामिल करा रहे हैं। इन आरोपों पर गायकवाड़ ने कड़ा जवाब दिया।
संजय गायकवाड़ ने यह भी कहा कि “कौन किसे जेल में डालता है और कौन धमकाता है, यह अब हम भी देखेंगे।” उन्होंने खुद को सक्रिय विधायक बताते हुए कहा कि वे घर बैठने वाले नेता नहीं हैं और पूरे महाराष्ट्र में उनकी पहचान है। इस बयान के साथ उन्होंने महाले को सीधी चुनौती दी है। इस पूरे घटनाक्रम से चिखली की राजनीति में तनाव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
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संजय गायकवाड़ ने कहा कि उनकी कार्यशैली सीधी और स्पष्ट है। सामने आकर मुद्दों का समाधान करना, न कि पीठ पीछे वार करना। उन्होंने कहा कि वे कभी भी आरटीआई का गलत इस्तेमाल नहीं करते। अगर ऐसा कोई काम हो रहा है, तो उसकी जांच महाले को अपने स्तर पर करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वे चिखली में पार्टी मजबूत करने और सांसद के मताधिक्य बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, उनके समर्थकों को सोशल मीडिया पर समर्थन देने पर धमकाया जा रहा है। साथ ही आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं को काम के बदले पार्टी में शामिल होने का दबाव डाला जा रहा है।