चिखली में महायुति तार-तार! विधायक गायकवाड़ और महाले में ‘आर-पार’ की जंग, छिड़ा सियासी घमासान
Chikhli Assembly Dispute: चिखली में महायुति के दो दिग्गजों में ठनी! विधायक गायकवाड़ और महाले के बीच RTI के दुरुपयोग को लेकर छिड़ा संग्राम। 'जेल भेजने' की चुनौती से गरमाई सियासत।
- Written By: प्रिया जैस
श्वेता महाले और संजय गायकवाड़ (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Mahayuti Internal Conflict: चिखली विधानसभा क्षेत्र में महायुति के भीतर चल रहा अंतर्कलह अब खुलकर सामने आ गया है। विधायक संजय गायकवाड़ और विधायक श्वेता महाले के बीच जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है। संजय गायकवाड़ ने स्पष्ट कहा है कि वे सूचना के अधिकार (आरटीआई) का दुरुपयोग कर किसी पर दबाव बनाने का काम नहीं करते, बल्कि ऐसा करने वालों को अपने घर में ही जांच करनी चाहिए।
चिखली विधानसभा क्षेत्र में शिवसेना (शिंदे गुट) संगठन विस्तार के प्रयासों के बीच विधायक श्वेता महाले ने संजय गायकवाड़ पर गंभीर आरोप लगाए थे। महाले का दावा था कि गायकवाड़ सूचना के अधिकार का डर दिखाकर और सरपंचों पर दबाव डालकर लोगों को पार्टी में शामिल करा रहे हैं। इन आरोपों पर गायकवाड़ ने कड़ा जवाब दिया।
चेतावनी और चुनौती से राजनीतिक तनाव
संजय गायकवाड़ ने यह भी कहा कि “कौन किसे जेल में डालता है और कौन धमकाता है, यह अब हम भी देखेंगे।” उन्होंने खुद को सक्रिय विधायक बताते हुए कहा कि वे घर बैठने वाले नेता नहीं हैं और पूरे महाराष्ट्र में उनकी पहचान है। इस बयान के साथ उन्होंने महाले को सीधी चुनौती दी है। इस पूरे घटनाक्रम से चिखली की राजनीति में तनाव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
सम्बंधित ख़बरें
मोहाडी में जल संकट को लेकर अनशन शुरू, करोड़ों खर्च के बावजूद कई वार्डों में पानी नहीं
करडी में जुआ अड्डे पर पुलिस की छापेमारी, मोहाडी में जुआ खेलते तीन लोग रंगेहाथ पकड़े गए
अमरावती में दर्दनाक हादसा: पुसली बांध में डूबने से तीन मासूम भाई-बहनों की मौत
ठाकरे सेना को एक और तगड़ा झटका? हिंगोली के सांसद नागेश पाटिल आष्टीकर पहुंचे शिंदे के ‘नंदनवन’ आवास
यह भी पढ़ें – ‘ना’ मतलब ‘ना’! अब पायलट पर मनमर्जी नहीं चला सकते VVIP, DGCA ने जारी की नई गाइडलाइन
गायकवाड़ का पलटवार
संजय गायकवाड़ ने कहा कि उनकी कार्यशैली सीधी और स्पष्ट है। सामने आकर मुद्दों का समाधान करना, न कि पीठ पीछे वार करना। उन्होंने कहा कि वे कभी भी आरटीआई का गलत इस्तेमाल नहीं करते। अगर ऐसा कोई काम हो रहा है, तो उसकी जांच महाले को अपने स्तर पर करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वे चिखली में पार्टी मजबूत करने और सांसद के मताधिक्य बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, उनके समर्थकों को सोशल मीडिया पर समर्थन देने पर धमकाया जा रहा है। साथ ही आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं को काम के बदले पार्टी में शामिल होने का दबाव डाला जा रहा है।
