
महाराष्ट्र मानचित्र (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Independent Vidarbha Demand: विदर्भ राज्य आंदोलन समिति ने ‘मिशन 2027’ के तहत वर्ष 2027 से पहले स्वतंत्र विदर्भ राज्य के गठन का संकल्प दोहराया है। शहरी क्षेत्रों में भी आंदोलन को गति देने के लिए 16 दिसंबर 2025 को दोपहर 12 बजे नागपुर में ‘लॉन्ग मार्च’ निकाला जाएगा।
वहीं समिती द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागृति बढ़ाने के उद्देश्य से छह बड़े ‘विदर्भ निर्माण जनसंकल्प’ सम्मेलन आयोजित किए गए, जिनमें मेलघाट जैसे दुर्गम क्षेत्रों से लेकर कारंजा लाड, गड़चिरोली, गोंदिया, अमरावती (बडनेरा) और भंडारा सहित कई स्थानों की व्यापक भागीदारी रही।
समिति का कहना है कि विदर्भ राज्य की मांग पिछले 120 वर्षों से लंबित है, जिसे अब निर्णायक रूप से पूरा किया जाना चाहिए। आंदोलन समिती ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र आर्थिक संकट की ओर बढ़ चुका है। राज्य का कुल राजस्व 5 लाख 60 हजार 963 करोड़ रुपये है, जबकि कर्ज और ब्याज का बोझ 9 लाख 83 हजार करोड़ रुपये तक पहुँच गया है।
इसके अलावा लोकनिर्माण, स्वास्थ्य, जलसंपदा, जलजीवन मिशन, ग्रामविकास, नगरविकास जैसी विभिन्न योजनाओं के तहत पिछले 10 महीनों में किए गए कार्यों का 95 हजार 732 करोड़ रुपये का भुगतान भी शेष है। समिती का दावा है कि राज्य सरकार के पास 10 लाख 59 हजार 459 करोड़ रुपये के इस भार को वहन करने की क्षमता नहीं है।
यह मार्च विदर्भ चंडिका मंदिर, शहीद चौक, इतवारी से शुरू होकर टांगा स्टैंड चौक, नंगा पुतला, डागा अस्पताल चौक, अग्रसेन चौक और भालदारपुरा होते हुए चिटणीस पार्क पहुँचेगा। वहां दोपहर 1 बजे भव्य “विदर्भ निर्माण जनसंकल्प” सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। समिति ने नागरिकों से बड़े स्तर पर सहभागिता की अपील की है।
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इस बीच भंडारा जिले की बैठक गणेशपुर स्थित गुरुदेव सेवा मंडल में आयोजित की गई। बैठक में विभागीय अध्यक्ष संजय केवट, युवा आघाड़ी प्रदेश अध्यक्ष मुकेश मासुरकर, पूर्व विदर्भ उपाध्यक्ष सुनील चोखारे, विदर्भ प्रचार प्रमुख तात्यासाहेब मत्ते और नागपुर जिल्हा समन्वयक प्रदीप शिरसकर उपस्थित रहे। बैठक में इकराम मेश्राम को मोहाडी तहसील अध्यक्ष, कविता ठाकरे को भंडारा तहसील महिला अध्यक्ष और ज्ञानेश्वर फंदे को युवा आघाड़ी भंडारा तहसील अध्यक्ष नियुक्त किया गया। कार्यक्रम में कई कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।






